अनिल कपूर ने आदित्य पंचोली को ‘Tezaab’ से करवाया बाहर? – Actor बोले, “Industry में Nepotism से ज्यादा Politics है”
मुंबई |
बॉलीवुड एक्टर आदित्य पंचोली ने एक पुराने इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है कि उन्हें साल 1988 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘तेजाब’ से आखिरी वक्त पर हटा दिया गया था। पंचोली का कहना है कि यह फैसला उनके खिलाफ जानबूझकर लिया गया था और इसके पीछे अनिल कपूर का प्रभाव था।
पंचोली का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा —
“मुझे ‘तेजाब’ में एक अहम रोल के लिए कास्ट किया गया था। शूटिंग शुरू होने से पहले अचानक मुझे फिल्म से बाहर कर दिया गया। बाद में पता चला कि अनिल कपूर ने कहा था, ‘या तो वो या मैं’। उस वक्त मैं नया था, किसी से बहस नहीं कर सका। आज तक किसी ने वजह नहीं बताई।”
उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ टैलेंट ही काफी नहीं है, यहाँ “नेपोटिज्म से ज्यादा राजनीति (Politics) काम करती है।” पंचोली के अनुसार, “कई बार ऐसा हुआ कि जिन लोगों ने मेहनत की, उन्हें साइडलाइन कर दिया गया। यहां जो पॉलिटिक्स है, वो कई बार करियर पर भारी पड़ती है।”
🎬 ‘तेजाब’ — अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित की टर्निंग पॉइंट फिल्म
फिल्म ‘तेजाब’ 1988 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित दोनों के करियर को नई ऊंचाई दी।
एन. चंद्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म अपने गानों, खासतौर पर “एक दो तीन” और “कह दो कि तुम हो मेरी वरना” जैसे सुपरहिट ट्रैक्स के लिए जानी जाती है।
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी और कई अवॉर्ड्स भी जीते थे।
आदित्य पंचोली के मुताबिक, उन्हें इस फिल्म में सपोर्टिंग लीड रोल दिया गया था, लेकिन अचानक उन्हें हटा दिया गया और उस किरदार को किसी और कलाकार ने निभाया। पंचोली का दावा है कि यह बदलाव फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले हुआ।
🎤 अब तक नहीं आई अनिल कपूर या मेकर्स की प्रतिक्रिया
आदित्य पंचोली के इस बयान पर अब तक अनिल कपूर, निर्देशक एन. चंद्रा या निर्माताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हालांकि, इंडस्ट्री में कई लोग इस बयान को “पुरानी बातों को दोबारा उछालने” के रूप में देख रहे हैं।
एक ट्रेड एनालिस्ट के मुताबिक, “फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे आरोप समय-समय पर लगते रहते हैं। कई बार यह व्यक्तिगत अनुभव होते हैं, जिन्हें साबित करना मुश्किल होता है। लेकिन यह सही है कि 80-90 के दशक में स्टारडम और प्रभाव का बड़ा असर फिल्मों की कास्टिंग पर होता था।”
⚖️ बॉलीवुड में नेपोटिज्म बनाम पॉलिटिक्स की बहस फिर गर्म
आदित्य पंचोली के बयान ने फिर से बॉलीवुड में नेपोटिज्म और पॉलिटिक्स की बहस को हवा दे दी है।
पिछले कुछ सालों में कंगना रनौत, अभय देओल और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कई एक्टर्स ने भी इंडस्ट्री में “इनसाइडर बनाम आउसाइडर” के मुद्दे को उठाया था।
पंचोली का बयान उसी कड़ी का नया अध्याय माना जा रहा है।
