इन तीन चीजों के बीज से तैयार चूर्ण आपके हॉर्मोन को करेंगे बैलेंस, यहां जानिए बनाने का तरीका
Seeds benefits for health : यह आपकी स्किन के लिए भी अच्छी है. यह आपके बालों को भी हेल्दी बनाए रखता है. इसके अलावा यह आपके पेट के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है.
Tips to Maintaining hormonal balance : हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखना एक महिला के समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें उसके स्वास्थ्य के विभिन्न पहलू शामिल हैं. हॉर्मोनल असंतुलन से अनियमित मासिक धर्म चक्र, मूड में उतार-चढ़ाव और अन्य चिंताएं हो सकती हैं. आयुर्वेद, चिकित्सा की प्राचीन प्रणाली, कई जड़ी-बूटियां प्रदान करती है, जो हॉर्मोनल संतुलन का समर्थन कर सकती हैं. ऐसे में इस आर्टिकल में हम यहां पर 3 बीज से तैयार पाउडर के बारे में बता रहे हैं, जिससे आपका हॉर्मोन संतुलित रह सकता है, तो चलिए आपको बताते हैं उनके नाम और बनाने का तरीका.
कैसे बनाएं हॉर्मोन संतुलन करने का चूर्ण
आपको अलसी, पंपकिन और शौंफ के बीजों को अच्छे से रोस्ट करना है, फिर उन्हें मिक्सी में पीस लेना है और एक जार में स्टोर करके रख लेना है. अब आप हर दिन इसको 1 चम्मच खा लीजिए. ऐसा आप 1 महीने तक ऐसा करते हैं, तो आपके असुंतिलत हार्मोन में सुधार आ सकता है.
यह आपकी स्किन के लिए भी अच्छी है. यह आपके बालों को भी हेल्दी रखता है. इसके अलावा यह आपके पेट के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है.
हॉर्मोन कैसे करें बैलेंस
1- बालासन (balasan) भी कर सकती हैं. यह भी आपको फिट रखने के लिए बेस्ट है. यह आसन करने से आपका दिमाग शांत होगा और आपके शरीर को आराम मिलेगा. यह आसन पीठ और गर्दन की अच्छी स्ट्रेचिंग करती है. वहीं सेतुबंधासन को करने से ब्रेस्ट, गर्दन और रीढ़ की हड्डी की अच्छी स्ट्रेचिंग होती है. इससे आप स्ट्रेस फ्री होते हैं.
2-ट्राईएंगल आसन को करने से पूरे दिन की थकावट दूर होती है और दिन भर ऊर्जावान रहते हैं. यह ट्राईएंगल आसन शरीर की एक अच्छी स्ट्रेचिंग कर देता है. इसको करने से गर्दन, पीठ, कमर का दर्द नहीं होता है. इससे शरीर का बैलेंस करने की भी कला विकसित होती है.
3- अधोमुख श्वानासन पैर की नसों, कूल्हों की मांसपेशियों और हाथों में खिंचाव लाने के लिए बहुत ही कारगर आसन है. इस आसन के अभ्यास से कूल्हों में फ्लेक्सिबिलिटी आती है. कूल्हों के साथ ही पीठ के दर्द में भी इस आसन से राहत महसूस होती है.
4- इस आसन को करने से पीठ का दर्द कम होता है और पेट मजबूत बनता है. इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है. इससे अपच, गैस, मितली की परेशानी दूर होती है. इससे लोअर बॉडी मजबूत होती है. तो इसको भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
स्रोत: एनडीटीवी
