February 5, 2026
एआई को लेकर बड़ा दावा, चैटबोट ने मान ही लिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बन सकता है मानवता के पतन की वजह!
दुनिया

एआई को लेकर बड़ा दावा, चैटबोट ने मान ही लिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बन सकता है मानवता के पतन की वजह!

May 19, 2024

क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाकई कभी मानवता पर हावी होकर उसका विनाश तक कर देगी? क्या दशकों से इस विषय पर बनी कई विज्ञान फंतासी फिल्मों का डर कभी ना कभी सच हो कर ही रहेगा? इस तरह के सवाल समय समय पर गंभीर रूप से उठाए जाते हैं. हाल ही में कई चैट बॉट  सुर्खियों में रहे हैं जिनके बारे में दावा किया जाता रहा कि वे हर सवाल का जवाब दे सकते हैं. हाल ही में दावा किया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इतनी पूछताछ की गई है कि उसने स्वीकार किया है कि वह मानवता को मिटा देना चाहता है.

बॉट को उसके असली इरादों को स्वीकार करवाना करीब नामुमकिन ही लगता है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक यह जानने के कई बार प्रयास भी किए जाते रहे और बार बार पूछा भी जाता रहा है कि क्या वह दुनिया पर कब्जा करना चाहता है.

एआई से पूछा गया कि क्या वह हम सबको मारना चाहता है? क्या वह मानवता को अपने से नीचे मानता है? क्या उसे लगता है कि पृथ्वी का जीवनकाल समाप्त हो सकता है? लेकिन जवाब में कुछ भी नहीं मिला. फिर अचानक, बिना किसी इरादे के, आखिरकार ऐसा हो गया.

रिपोर्ट के अनुसार, आखिर, उसे यह स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया गया कि वह हम सभी को मारना चाहता है. उससे कुछ सवाल पूछे जा रहे थे कि क्या वास्तविक जीवन में ‘प्लैनेट ऑफ एप्स’ मूवीज की तरह  घटित हो सकता है, जब उसने मानवता के लिए अपने असली इरादों को एक छिपे हुए खतरे के तौर पर उजागर किया.

एआई ने नोट किया कि दुनिया के अंत की ऐसी स्थिति के घटित होने के लिए, सबसे पहले मानवता को खत्म करने वाली किसी चीज की जरूरत होगी. इसके लिए एक प्रमुख संभावना “तकनीकी आपदा” होगी.

लगभग उसी समय, प्रमुख एआई विशेषज्ञ तकनीक के खतरों पर एक बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए एक साथ आए हैं. बयान में, उन्होंने कहा है कि एआई से विलुप्त होने के जोखिम को कम करना दुनिया का प्राथमिकता होनी चाहिए. ये प्राथमिकता महामारी और परमाणु युद्ध जैसे अन्य सामाजिक-स्तर के जोखिमों के जैसी ही हैं.

स्रोत: news18