पेट फूलने पर लगेगी पाबंदी, कॉन्स्टिपेशन पर भी प्रहार, बिन दवा सिर्फ तीन तरीकों से पेट में सड़ रही गैस का हो सकता है अंत
How to Cure Gas Problems: हमारे पेट में हमेशा 100 से 150 एमएल गैसेज रहती ही है लेकिन जब ये गैसें बहुत अधिक बढ़ जाती है तो बड़ी मुसीबत होती है. कुछ लोगों को अक्सर गैस और पेट फूलने की समस्याएं रहती हैं. पेट में गैस की समस्या अक्सर असहज स्थिति पैदा कर देती है. लेकिन इस बढ़ी हुई गैस के लिए अधिकांश मामलों में इंसान खुद जिम्मेदार होता है. आमतौर पर गलत खान-पान की वजह से पेट में गैस और पेट फूलने की समस्या होती है. हमारे पेट में असंख्य बैक्टीरिया हैं जो हमारे ही भोजन से अपना भोजन ग्रहण करते हैं और इसे पचाने के दौरान गैसें बनाती भी हैं. जब ये बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रैट, फाइबर, स्टार्च आदि को फर्मेंट करते हैं तब गैस बहुत अधिक बनने लगती है. ऐसे में खान-पान की आदत में सुधार कर ही गैस और पेट फूलने की समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है.
इन 3 तरीकों से गैस की समस्या का करें अंत
1. धीरे से शुरुआत करें– बिजनेस इंसाइडर की खबर में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. विल वुलसिविक्ज ने बताया कि हम भोजन को तोड़ने के लिए पूरी तरह पेट में मौजूद गुड बैक्टीरिया पर निर्भर हैं. जब हम बैक्टीरिया की क्षमता से बाहर वाली चीजों का ज्यादा सेवन करते हैं तो गैस की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में यदि आप गैस से मुक्ति पाना चाहते हैं तो खाने में धीरे-धीरे शुरुआत करें. इसका मतलब यह हुआ कि फाइबरयुक्त भोजन को पहले कम-कम खाएं और धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं. डॉ. विल वुलसिविक्ज ने बताया कि गैसे की समस्या से मुक्ति पाने के लिए पहले अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन छोड़ दें और हरी पत्तीदार सब्जियां यानी फाइबरयुक्त डाइट का सेवन धीरे-धीरे बढ़ा दें.
2. हाइड्रेट रहें-अगर आपके पेट में तरल पदार्थों की मात्रा ज्यादा नहीं रहेगी तो गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ जाएगी. इसलिए आपके शरीर में कभी पानी की कमी नहीं होनी चाहिए. जब तक पेट में पर्याप्त पानी नहीं होगा, भोजन सही से नहीं पचेगा और इससे गैस और ब्लॉटिंग की समस्या होगी. इसके लिए पानी के साथ-साथ रसीले फल का भी सेवन करें. डॉ. विल वुलसिविक्ज कहते हैं कि सुबह उठते ही दो गिलास पानी से दिन की शुरुआत करनी चाहिए. इसके बाद हर बार भोजन के साथ कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए.
3. क्रोनिक बीमारियां-कुछ क्रोनिक बीमारियां भी हैं जिनके कारण गैस की समस्याएं होती हैं. आंत में अल्सर, डायवर्टिकुलाइटिस, क्रोह्न जैसी बीमारियों के कारण भी गैस हो सकती है. वहीं कुछ फूड को आपकी आंत बर्दाश्त नहीं कर पाती है. भारत में अधिकांश व्यक्तियों को मिल्क इनटॉलरेंस की समस्या है. अगर इस तरह की समस्या है तो इसका इलाज कराना जरूरी है.
स्रोतः न्यूज18
