बच्चे को डांटते ही पछतावा से भर जाती हैं आप? मॉम गिल्ट से बचने का ये रहा तरीका, एंग्जायटी नहीं, बढ़ेगा प्यार
How to Avoid mom guilt: मां के लिए बच्चे की परवरिश आसान काम नहीं. खासतौर पर अगर वह वर्किंग है और परिवार-ऑफिस के बीच अपने बच्चे की भी परवरिश कर रही है. ऐसे हालात में बच्चों के साथ थोड़ी भी सख्ती बरतना, मॉम गिल्ट की वजह बन जाता है और माएं एंग्जायटी में जीने लगती हैं.
Parenting Tips To Avoid Mom Guilt : रूही जब भी अपने बच्चे के साथ नियमों को लेकर सख्ती दिखाती है, उसे कुछ ही देर बार गिल्ट सी महसूस होने लगती है. यही नहीं, घर वालों की हर वक्त शिकायतें सुनने की वजह से उसे और भी हताशा-निराशा महसूस होने लगती है. उसे हर वक्त यह एहसास होता है कि वह एक बुरी मां हैं जो अपने बच्चे की परवरिश सही तरीके से नहीं कर पा रही.
दरअसल, यह इमोशन अधिकतर मम्मियों में देखने को मिलती है. इस फीलिंग को ‘मॉम गिल्ट’ के नाम से जाना जाता है. आपको बता दें कि अधिकतर मांएं इस गिल्ट की वजह से या तो नौकरी छोड़ देती हैं या हर वक्त एंग्जायटी-डिप्रेशन में जीने लगती हैं. जिसकी वजह से उनका करियर और रिलेशनशिप भी दांव पर लग जाता है.
ऐसे में अगर आप मॉम गिल्ट से बाहर निकालना चाहती हैं तो कुछ बातों को अपनाकर एक बेहतर करियर वूमन और बेहतर मां बन सकती हैं. तो आइए जानते हैं कि आप अपने निगेटिव सोच को पॉजिटिव कैसे बनाएं और बच्चे के साथ रिश्ते को बेहतर कैसे करें.
मॉम गिल्ट से इस तरह बाहर आएं(Best Ways To Overcome Mom Guilt)-
गहरी सांस लें
अगर आपके दिमाग में कोई बात तेजी से चल रही है और लगातार नेगेटिव ख्याल आ रहे हैं तो यह मॉम गिल्ट को बढ़ाने का काम कर सकता है. जब भी ऐसा लगे तो आप शांत बैठ जाएं और गहरी सांस लें.
वजह को लिखें
अगर आप बार-बार यह सोचकर परेशान हो जाती हैं कि आप अच्छी मां नहीं हैं, तो इसकी वजह को पहचानने का प्रयास करें और हर चीज लिखें. हर वजहों का उपाय भी डायरी में लिखें. इस तरह आप इस गिल्ट को दूर करने का प्रैक्टिकल उपाय निकाल लेंगी.
निगेटिव सोच को करें चैलेंज
अगर आप एक बार यह समझ लें कि आप मॉम गिल्ट की वजह से नेगेटिव सोच रही हैं और यह विश्वास आ जाए कि आप इससे बाहर आ सकती हैं तो आप इन तमाम निगेटिव सोच को चैलेंज करे पॉजिटिव बदलाव खुद में ला सकती हैं.
सेल्फकेयर के लिए निकालें समय
अगर आप खुद को वक्त नहीं देती हैं और खुद की देखभाल करना सेल्फिश काम समझ रही हैं तो यह गलत है. आपको बता दें कि अगर आप खुद को फिजिकली और मेंटली हेल्दी रखेंगी तो आप बेहतर तरीके से लोगों की देखभाल भी कर पाएंगी. इसलिए सेल्फकेयर के लिए वक्त निकालें.
लोगों की लें मदद
अगर आपको लगता है कि आप काफी थकी हुई हैं और इस वजह से आपका पेशेंस लूज हो रहा है तो बेहतर होगा कि आप अपनों की मदद लें. आप मदद के लिए, बहन, दादी, नानी आदि के पास बच्चे को कुछ घंटों के लिए छोड़ सकती हैं. इस तरह बच्चे भी खुश रहेंगे और आपको एंग्जायटी भी कम होगी.
स्रोतः न्यूज 18
