Written by Mayuri Saxena
भारत तीसरी बार विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में
नवी मुंबई, 31 अक्टूबर 2025
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर तीसरी बार विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के पीछे सबसे बड़ा योगदान रहा युवा बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्स का, जिन्होंने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेलते हुए 127 रन बनाए और भारत को जीत की राह दिखाई।
भारत की दमदार बल्लेबाजी
सेमीफाइनल मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया, जहां हजारों दर्शक भारतीय टीम का उत्साह बढ़ाने पहुंचे थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 274 रन बनाए।
टीम की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन जेमिमा रॉड्रिग्स ने पारी को संभालते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 117 गेंदों में 127 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 52 रनों का अहम योगदान दिया, जिससे भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने मजबूत लक्ष्य रखा।
ऑस्ट्रेलिया की पारी और भारतीय गेंदबाजों का जलवा
लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्दी ही मैच का रुख पलट दिया।
रेणुका ठाकुर ने शुरुआती झटके दिए, वहीं दीप्ति शर्मा और पूजा वस्त्राकर ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलिया की रीढ़ तोड़ दी।
ऑस्ट्रेलिया की टीम 48.3 ओवरों में 249 रनों पर सिमट गई और भारत ने यह मैच 25 रनों से जीत लिया।
जेमिमा रॉड्रिग्स की प्रेरक कहानी
इस जीत के केंद्र में रहीं जेमिमा रॉड्रिग्स, जिन्हें टूर्नामेंट के बीच में प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अभ्यास करते हुए टीम में वापसी की।
जब उन्हें दोबारा मौका मिला, तो उन्होंने अपनी पारी से सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया।
मैच के बाद भावुक जेमिमा ने मैदान पर दोनों हाथ जोड़कर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। उनकी आंखों से खुशी के आँसू झलक उठे — यह दृश्य पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों को छू गया।

टीम इंडिया की सामूहिक ताकत
भारतीय टीम की यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है।
स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर और हरमनप्रीत कौर सभी ने अपने-अपने योगदान से भारत को इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचाया।
हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अनुशासित क्रिकेट खेला और रणनीति के हर पहलू को बखूबी लागू किया।
फाइनल की तैयारी और उम्मीदें
अब भारत का सामना फाइनल में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।
टीम इंडिया का आत्मविश्वास इस समय चरम पर है और देशभर के करोड़ों प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार ट्रॉफी भारत की होगी।
अगर भारत यह खिताब जीतता है, तो यह भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा पल होगा।
निष्कर्ष: महिलाओं की जीत, देश का गर्व
भारत की यह जीत केवल क्रिकेट की नहीं, बल्कि हर उस लड़की की जीत है जो अपने सपनों के लिए संघर्ष करती है।
जेमिमा रॉड्रिग्स की यह पारी इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से हर मुश्किल को जीता जा सकता है।
टीम इंडिया ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि
“She Can. She Will. She Rise.” 🇮🇳🌸
