March 24, 2026
महंगाई की मार : जून में रिटेल इंफ्लेशन 5 फीसदी के पार, टमाटर-प्याज की बढ़ी कीमतों ने दिखाया असर
बिजनेस

महंगाई की मार : जून में रिटेल इंफ्लेशन 5 फीसदी के पार, टमाटर-प्याज की बढ़ी कीमतों ने दिखाया असर

Jul 15, 2024

Retail Inflation June 2024 : एनएसओ के मुताबिक, जून में सबसे अधिक मुद्रास्फीति ओडिशा (7.22 प्रतिशत) और सबसे कम दिल्ली (2.18 प्रतिशत) में रही.

Retail Inflation June 2024 : देश में महंगाई के मोर्चे आम आदमी को राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है. बाजार में टमाटर-प्याज समेत कई सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं घरों में रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास की कमर तोड़ रखी है. इसका ही असर है कि जून में खुदरा महंगाई दर बीते चार महीनों में सबसे अधिक 5.08 फीसदी तक पहुंच गई है. रिटेल इंफ्लेशन (Retail Inflation) को लेकर शुक्रवार को सरकार ने ये आंकड़ा जारी किया. पिछले महीने मई की बात करें तो यह 4.8 प्रतिशत थी, वहीं कस्टमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के मुताबिक जून 2023 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.87 प्रतिशत थी. इसके अलावा नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (NSO) के अनुसार फूट बास्केट में इंफ्लेशन मई में 8.69 प्रतिशत से बढ़कर जून में 9.36 प्रतिशत हो गई है.

आखिरी बार फरवरी में 5 प्रतिशत के पार पहुंचा था इंफ्लेशन

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी से ही घट रही थी लेकिन जून का महीना एक बार फिर इसमें तेजी लेकर आया. खुदरा महंगाई का पिछला उच्च स्तर फरवरी में 5.09 प्रतिशत रहा था. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य समूह में शामिल उत्पादों की महंगाई दर जून में बढ़कर 9.36 प्रतिशत पर पहुंच गई. मई में खाद्य मुद्रास्फीति 8.69 प्रतिशत थी. भीषण गर्मी से प्रभावित रहे जून के महीने में सब्जियों की कीमतें सालाना आधार पर सबसे अधिक 29.32 प्रतिशत बढ़ गईं. उसके बाद ‘दालें और उत्पाद’ में मुद्रास्फीति 16.07 प्रतिशत रही.

अनाज के अलावा फलों के दामों में भी भारी उछाल

जून में ‘अनाज और उत्पाद’ के अलावा फलों के दाम भी एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में महंगे बिके. एनएसओ के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति 5.66 प्रतिशत रही जबकि शहरी भारत में महंगाई दर 4.39 प्रतिशत रही. रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने खुदरा मुद्रास्फीति के इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जून में मुख्य रूप से खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में आठ प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी. इस दौरान सब्जियों की कीमतों में तेजी से उछाल दर्ज की गई. हालांकि नायर ने कहा कि खाद्य और पेय पदार्थों को छोड़कर अन्य सभी उप-समूहों में मुद्रास्फीति जून में चार प्रतिशत से से नीचे ही रही.

ओडिशा में सबसे अधिक इंफ्लेशन, दिल्ली में सबसे कम

उन्होंने कहा, ‘यदि मानसून के बाकी वक्त में बारिश सामान्य रहती है और वर्षा वितरण भी अनुकूल रहता है तो खाद्य मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण निश्चित रूप से अनुकूल हो जाता है. वैश्विक या घरेलू स्तर पर कोई अन्य झटका नहीं लगने पर हम अक्टूबर 2024 में नीतिगत रुख में बदलाव और दिसंबर 2024 एवं फरवरी 2025 में 0.25 प्रतिशत की कटौती की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं.’ एनएसओ के मुताबिक, जून में सबसे अधिक मुद्रास्फीति ओडिशा (7.22 प्रतिशत) और सबसे कम दिल्ली (2.18 प्रतिशत) में रही. एनएसओ साप्ताहिक आधार पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 1,114 शहरी बाजारों और 1,181 गांवों से आंकड़े जुटाता है.

स्रोत: india.com