September 23, 2026
IPL Meeting :Shahrukh Khan ने काटा बवाल, काव्या मारन भी लड़ाई में कूदीं, IPL की मीटिंग में क्यों मचा हंगामा?
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IPL Meeting :Shahrukh Khan ने काटा बवाल, काव्या मारन भी लड़ाई में कूदीं, IPL की मीटिंग में क्यों मचा हंगामा?

Aug 1, 2024

IPL Meeting : मुंबई में 31 जुलाई को IPL की मीटिंग हुई, जिसमें सभी टीम मालिकों ने हिस्सा लिया, इस मीटिंग में 9 फ्रेंचाइजी मालिक प्रत्यक्ष रूप से वहां मौजूद थे. वहीं मुंबई इंडियंस के मालिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे. IPL मीटिंग में रिटेंशन को लेकर सभी टीम मालिकों की राय जुदा दिखी, जिससे बवाल भी मचा.

31 जुलाई को जय शाह की मौजूदगी में IPL की मीटिंग हुई. मीटिंग का सबसे बड़ा एजेंडा था IPL 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले खिलाड़ियों का रिटेंशन. IPL के रूल बुक के मुताबिक अभी तक हरेक टीम के लिए 4 खिलाड़ियों को रिटेन करने का नियम था, जिसमें 2 से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी और 3 से ज्यादा भारतीय खिलाड़ी नहीं हो सकते. लेकिन, 17वें सीजन के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले रिंटेंशन को लेकर हर फ्रेंचाइजी की अलग राय रही है. उनके बीच का यही मतभेद IPL पर बुलाई गई बैठक में खुलकर सामने आ गया और बवाल मच गया. शाहरुख खान हों, काव्या मारन या फिर प्रीति जिंटा की जगह मीटिंग में शिरकत करने आए नेस वाडिया. हर कोई अपने तर्क पर अड़ा रहा.

फ्रेंचाइजियों के बीच मतभेद क्यों?

अब सवाल है कि इस तरह के हालात बने क्यों? आखिर क्यों फ्रेंचाइजी मालिकों की राय रिटेंशन को लेकर एक सी नहीं है? KKR के मालिक शाहरुख खान जहां टीम में ज्यादा से ज्यादा पुराने खिलाड़ियों को बनाए ऱखने पर जोर दे रहे हैं. तो पंजाब किंग्स के को-ऑनर नेस वाडिया ठीक उनके विपरीत ज्यादा से ज्यादा नए खिलाड़ियों को खरीदने पर. वहीं काव्या मारन विदेशी खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखने पर जोर देती दिखीं. सवाल है आखिर ऐसे बयानों के पीछे इन सब का तर्क क्या है?

शाहरुख खान क्यों चाहते ज्यादा रिटेंशन?

शाहरुख खान अपने ज्यादा खिलाड़ी रिलीज ना कर उन्हें अगले सीजन के लिए भी टीम में बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं तो इसलिए क्योंकि उन खिलाड़ियों ने उन्हें चैंपियन बनाया है. उन खिलाड़ियों के बीच एक तालमेल बरकरार है, जिसे उन्हें अलग कर वो तोड़ने के मूड में नहीं हैं. वो चाहते हैं कि टीम की कोर बरकरार रहे. यही वजह है कि वो ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को रिटेन करने के मूड में हैं.

पंजाब किंग्स मांगे कम से कम रिटेंशन, पर क्योंं?

हालांकि, प्रीति जिंटा की टीम पंजाब किंग्स के को-ऑनर नेस वाडिया की राय इस पर बिल्कुल जुदा दिखी. नेस वाडिया का जोर ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को रिलीज करने पर रहा. ना कि उनके रिटेंशन पर. इसके पीछे की वजह उनकी टीम की IPL में नाकामी रही है.

काव्या मारन का क्या है तर्क?

KKR और पंजाब किंग्स के मालिकों की लड़ाई में सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन भी कूदतीं दिखी. उन्होंने अपना तर्क रखा . काव्या मारन के मुताबिक खिलाड़ियों के रिटेंशन को लेकर पाबंदी नहीं होनी चाहिए. BCCI को ये फैसला करने का हक फ्रेंचाइजी मालिकों को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी टीम की ताकत कैप्ड प्लेयर्स हैं तो किसी की अनकैप्ड. कोई अपने देसी खिलाड़ियों के दम पर जीत रहा है तो किसी का दम उसके विदेशी खिलाड़ियों में हैं. काव्या मारन ने माना कि SRH की ताकत विदेशी खिलाड़ी रहे हैं.

साफ है कि अब जिस मीटिंग में विचारों में इतना मतभेद होगा, उसमें बवाल तो मचेगा ही. और वही IPL को लेकर हुई मीटिंग में भी देखने को मिला. बहरहाल, अब इस पर BCCI का क्या कदम होता है, वो देखना दिलचस्प रहेगा.

स्रोत: टीवी9