March 24, 2026
बरसाती मौसम में प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे रखें अपना ध्यान? एक्सपर्ट से जानिए
वुमन

बरसाती मौसम में प्रेग्नेंट महिलाएं कैसे रखें अपना ध्यान? एक्सपर्ट से जानिए

Jul 13, 2024

Monsoon Season: प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए मौसम में होने वाले परिवर्तन और बढ़ते नमी की वजह से मानसून ज्यादा जोखिम भरा होता है. बरसात के मौसम में तो वैसे भी गर्भवती महिलाओं को अपनी सेहत का ज्यादा ध्यान रखना होता है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इस मौसम में महिलाएं खुद को कैसे सुरक्षित रखें.

Monsoon Care: मानसून के मौसम में हेल्थ पर जरूर असर पड़ता है. फिर चाहे छोटा-मोटा बुखार हो या फिर वायरल फीवर, कोई न कोई बारिश के मौसम में इन बीमारियों से परेशान रहती ही है. लेकिन बरसात के इस मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. प्रेग्नेंसी में हार्मोनल चेंज की वजह से महिलाएं जल्दी बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं.

नारायणा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज वर्मा कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में जुकाम, फ्लू और संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. इससे उनके बच्चे पर भी असर देखने को मिलेगा. ऐसे में महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति थोड़ा सजग रहना चाहिए. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि इस मौसम में गर्भवति महिलाओं को कैसे अपना ख्याल रखना चाहिए.

शरीर को रखें हाइड्रेट

प्रेग्नेंसी के दौरान आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. आपका शरीर जितना हाइड्रेट रहेगा, बीमारियों से उतना ही सुरक्षित रहेंगी. एक्सपर्ट कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी से यूरिन इन्फेक्शन या दूसरी बीमारियां हो सकती हैं. शरीर में पानी की कमी होने से प्रसव में भी दिक्कतें हो सकती हैं. इसके साथ ही, मौसमी फलों को भी खाएं.

मच्छरों से बचें

बरसात का मौसम और मच्छर, ये दोनों ही प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बनते हैं. इसी मौसम में डेंगू, मलेरिया और टायफाइड फैलाने वाले मच्छर पैदा होते हैं. इन बीमारियों का न सिर्फ आप पर बल्कि होने वाले बच्चे पर भी असर पड़ेगा. ऐसे में आप जितना हो सके, मच्छरों के संपर्क में आने से बचें. घर पर किसी भी तरह का पानी इकट्ठा न होने दें.

खाने-पीने का ध्यान

मानसून के इस मौसम में हमेशा ताजा बना खाना ही खाएं. ज्यादा देर तक रखे खाने को न खाएं. बासी खाने में बैक्टीरिया जल्दी ग्रो करती है, जिससे फूड पॉइजनिंग या पेट से जुड़ी कोई दूसरी बीमारी हो सकती है. इसके साथ ही, अपनी डाइट में विटामिन बी12 और डी को भी ज्यादा से ज्यादा शामिल करने की कोशिश करें.

स्रोत: टीवी 9