Pregnancy के दूसरे हफ्ते में खाएं ये 3 तरह का पनीर, शरीर बनेगा लोहा, मां-बच्चे को नहीं होगा इंफेक्शन का खतरा
प्रेग्नेंसी में पनीर खाना फायदेमंद है। लेकिन एक्सपर्ट अनपॉश्चुराइज्ड के बजाय पाश्चुराइज्ड पनीर खाने की सलाह देते हैं। गर्भावस्था में इस तरह का पनीर बच्चे के मास्तिष्क के विकास के लिए अच्छा माना जाता है।
प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए खुशी का पल होता है। लेकिन इस दौरान छोटी-छोटी चीजों का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। प्रेग्नेंसी की शुरुआत में गर्भवती को कई डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इनमें से एक है पनीर । पनीर में कैल्शियम और प्रोटीन के अलावा ओमेगा 3 फैटी एसिड सहित हेल्दी फैट भी पाए जाते हैं।
ओमेगा 3 फैटी एसिड भ्रूण के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन अगर आप डेयरी शॉप से सादा पनीर लाकर खाते हैं, तो ये आपको और बच्चे दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, एक्सपटर्स इस दौरान बकरी का पनीर खाने की सलाह देते हैं। यहां हम आपको ऐसे 3 तरह के बकरी के पनीर के बारे में बता रहे हैं, जो गर्भवती और गर्भस्थ शिशु के लिए कई तरह से फायदेमंद है।
हार्ड गोट चीज

प्रेग्नेंसी का संकेत मिलते ही डॉक्टर्स हार्ट गोट पनीर खाने के लिए कहते हैं। दरअसल, इस तरह के पनीर में हल्की सी नमी होती है। नमी की मात्रा कम होने से बैक्टीरिया पनप नहीं पाते और कॉन्टेमिनेशन का रिस्क भी बहुत कम हो जाता है।
पाश्चुराइज्ड गोट चीज

गर्भावस्था में गर्भवती को पॉश्चुराइज्ड बकरी पनीर का ही सेवन करना चाहिए। दरअसल, पाश्चुराइजेशन कच्चे दूध में पाए जाने वाले बैक्टीरिया , यीस्ट और फफूंदी को मारने की प्रक्रिया है। इसके सेवन से मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहते हैं।
शीप मिल्क चीज

भेड़ के दूध से बना पनीर जैसे फैटा और हलौमी प्रेग्नेंट महिला को जरूर खाना चाहिए। फैटी पनीर में नमक बहुत ज्यादा होता है , जबकि हलौमी पनीर का टेस्ट हल्का सा नमकीन होता है। तेज नमक और हल्का नमकीन होने के कारण इसमें बैक्टीरिया के विकसित होने की संभावना कम होती है।
अनपॉश्जुराइज्ड पनीर क्यों है नुकसानदायक?

गर्भवती महिलाओं को अनपॉश्चुराइज्ड पनीर से परहेज करना चाहिए। इस तरह का पनीर आपके घर के आसपास डेयरी शॉप पर मिल जाता है। असल में इस तरह के पनीर में लिस्टोरिया, सेल्मोनेला, , ई कोली और कैम्पिलोबैक्टर जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाते हैं। अगर कोई गर्भवती महिला डेली इसका सेवन करती है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ता है, जो बच्चे का विकास के लिए अच्छा नहीं है।
बकरी का पनीर खाने के फायदे

- बकरी पनीर में कैल्शियम बहुत ज्यादा होता है, जिससे बच्चे की हड्डियां मजबूत बनती है। अन्य पनीर की तुलना में इसमें फैट बहुत कम होता है।
- बकरी के दूध से बना पनीर आसानी से पच जाता है। इसमें मौजूद हाई प्रोटीन बच्चे के डेवलपमेंट के लिए बहुत फायदेमंद है।
- बकरी के पनीर में मैग्नीशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं, जिसकी गर्भवती को बहुत ज्यादा जरूरत होती है।
- हेल्दी गट हेल्थ के लिए बकरी पनीर को अच्छा माना गया है। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे हार्ट हेल्थ ठीक बनी रहती है।
अगर आप प्रेग्नेंसी में बकरी पनीर खरीद रही हैं ,तो कोशिश करें कि ये हार्ड फॉर्म में हो। जिस लेबल पर “मेड फ्रॉम रॉ मिल्क” के बजाय “मेड फ्रॉम पाश्चुराइज्ड मिल्क” लिखा हो, वही पनीर खरीदना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
स्रोत: नवभारत टाइम्स
