March 24, 2026
Bihar: पप्पू यादव ने नोटों से बढ़ाया चुनावी तापमान, बाढ़ पीड़ितों में बांटा पैसा, FIR दर्ज
भारत

Bihar: पप्पू यादव ने नोटों से बढ़ाया चुनावी तापमान, बाढ़ पीड़ितों में बांटा पैसा, FIR दर्ज

Oct 10, 2025

वैशाली ।

Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो चुकी है, लेकिन इसी बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव वैशाली जिले के गनियारी गांव पहुंचे जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और 2000 से 3000 रुपये तक की नकद सहायता बांटी।
bihar pappu yadav distributes money to flood victims after model code of conduct raises political heat
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने आधिकारिक घोषणा कर दी है। पहले चरण में 6 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी चरण में वैशाली जिले की आठ विधानसभा सीटों पर भी 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत के तहत शुक्रवार से नामांकन दाखिल होना शुरू हो जाएगा। इसी बीच चुनावी माहौल के बीच पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शुक्रवार को बाढ़ पीड़ितों से मिलने वैशाली जिले के सहदेई प्रखंड के गनियारी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा नदी के तेज कटाव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की। वहीं, वैशाली में अचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर पप्पू यादव पर FIR दर्ज हो गई है।
मौके पर पप्पू यादव ने स्थानीय पदाधिकारियों को फोन भी लगाया और कटाव पीड़ितों की समस्याओं के समाधान का आग्रह किया। ग्रामीणों ने सांसद के सामने अपनी परेशानियां रखीं, जिस पर पप्पू यादव ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसी दौरान पप्पू यादव लोगों को आर्थिक सहायता के तौर पर 2000 से 3000 रुपये तक नकद राशि देते नजर आए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो कैमरे में साफ तौर पर कैद हुई हैं। लिस्ट से नाम पढ़कर एक-एक कर लोगों को रुपये दिए जा रहे थे।
इस मौके पर सांसद पप्पू यादव ने क्षेत्रीय सांसद चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “यहां बड़े-बड़े नेता हैं जो टिकट के चक्कर में व्यस्त हैं, लेकिन कटाव पीड़ित परिवारों से मिलने का किसी को समय नहीं है।” पप्पू यादव ने आगे बताया कि उन्होंने वैशाली जिलाधिकारी को फोन किया, लेकिन डीएम ने फोन रिसीव नहीं किया। अब इस पूरे मामले पर सवाल उठ रहे हैं कि आचार संहिता लागू होने के बाद खुलेआम पैसा बांटना क्या चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन नहीं है? फिलहाल इस पर प्रशासन या चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।