नई दिल्ली:
चक्रवाती तूफान मोंथा (Cyclone Mountha) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार सुबह समुद्र तट से टकराने के बाद से तूफान की रफ्तार कम नहीं हुई है और यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
आंध्र-ओडिशा में कहर बरपा तूफान
विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, गंजाम और पुरी जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली की सप्लाई ठप हो गई और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
तेज हवाएं और ऊंची लहरें
IMD के अनुसार, तूफान के दौरान हवा की गति 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। बंगाल की खाड़ी में ऊंची लहरें उठ रही हैं। मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
उत्तर भारत में भी दिखने लगा असर
मोंथा तूफान का असर अब दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड तक पहुंच गया है। कई इलाकों में गुरुवार देर रात से ही बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
रेल और हवाई यातायात प्रभावित
तूफान की वजह से कई ट्रेनें और फ्लाइट्स रद्द की गई हैं। विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। कई राज्यों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सरकार की एडवाइजरी जारी
केंद्र और राज्य सरकारों ने तटीय क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे घरों में सुरक्षित रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
