China और India:
रायटर्स ने आज एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें बताया गया है कि चीन और भारत ने उनके साझा हिमालयी सीमा पर नियंत्रण तथा विवादों को शांतिपूर्वक हल करने के लिए सक्रिय सैनिक व कूटनीतिक संवाद जारी रखा है।
इस संवाद में, दोनों पक्षों ने पिछले साल (२०२४) हुए समझौते के बाद से समूह-स्तर पर बने तंत्रों (mechanisms) का उपयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है, ताकि “ग्राउंड-स्तर के मामलों” को शांतिपूर्वक हल किया जा सके। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नवीनतम उच्च-स्तरीय सैनिक वार्ता भारत पक्ष पर आयोजित हुई और दोनों देशों ने संयुक्त रूप से संवाद जारी रखने पर राजी हुए।
पृष्ठभूमि में यह है कि २०२० में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के २० और चीन के ४ सैनिक मारे गए थे।
उस घटना के बाद से तनाव रहा है, लेकिन २०२४ में दोनों देशों ने एक समझौता किया था, जिसके तहत उन्होंने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए थे। इसमें प्रत्यक्ष विमानों का संचालन पुनरारंभ किया जाना तथा व्यापार-निवेश संबंधों को बढ़ावा देना शामिल था।
विश्लेषकों के अनुसार यह वर्तमान संवाद सीमाओं पर स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। हिमालयी सीमा पर “ट्रूप डिप्लॉयमेंट”, सड़कों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, तथा जलवायु-परिवर्तन के प्रभावों के चलते तनाव उत्पन्न होने की प्रवृत्ति बनी हुई थी। ऐसे माहौल में दोनों देशों का यह संवाद सकारात्मक संकेत देता है कि उग्रता की बजाय संवाद का रास्ता चुना जा रहा है।
हालाँकि, इस संवाद के बावजूद गहन चुनौतियाँ बनी हुई हैं — सीमा के कुछ हिस्सों में अभी भी सैनिक तैनाती बनी हुई है, पड़ोसी देशों के साथ स्थानीय स्तर पर झड़पें होती रही हैं, तथा विपरीत राजनीतिक-संदेश भी प्राप्त हुए हैं। इसलिए, आगामी समय में यह देखना होगा कि यह संवाद कितनी दिशा-परिवर्तनकारी साबित होता है और क्या यह वास्तविक स्थिरता एवं भरोसेमंद शांति-तंत्र की ओर ले जाता है।
