Cyber Literacy: कॉल मर्ज से अकाउंट खाली कर रहे स्कैमर्स, 5 स्टेप्स में समझें क्या है ये स्कैम
नई दिल्ली।
Cyber Literacy: कॉल मर्ज से अकाउंट खाली कर रहे स्कैमर्स, 5 स्टेप्स में समझें क्या है ये स्कैम डिजिटल इंडिया के दौर में जहां हर चीज़ ऑनलाइन हो रही है, वहीं साइबर ठगों के तरीके भी हाई-टेक हो चुके हैं। हाल के दिनों में “कॉल मर्ज स्कैम” नाम का नया तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसमें स्कैमर्स कुछ ही मिनटों में आपके बैंक अकाउंट से रकम साफ कर देते हैं।
साइबर सेल और RBI ने लोगों को इस नए फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह स्कैम बहुत ही भरोसेमंद तरीके से किया जाता है, जिसमें लोग खुद अपने OTP या कॉल डिटेल साझा कर देते हैं—बिना जाने।
क्या है कॉल मर्ज स्कैम? (What is Call Merge Scam)
इस स्कैम में साइबर ठग बैंक अधिकारी, मोबाइल सर्विस कंपनी या कस्टमर सपोर्ट के नाम पर कॉल करते हैं। वे पहले पीड़ित को भरोसे में लेते हैं और कहते हैं कि आपकी बैंक सर्विस या KYC में कोई दिक्कत है। इसके बाद वे कॉल को “मर्ज” यानी तीन-तरफा कॉल (conference call) में बदल देते हैं।
इस मर्ज कॉल में तीसरा व्यक्ति किसी बैंक या कंपनी के असली कर्मचारी की आवाज़ की रिकॉर्डिंग प्ले करता है, जिससे कॉल बिल्कुल असली लगती है।
धीरे-धीरे स्कैमर OTP, UPI PIN, या कार्ड डिटेल्स पूछकर आपके अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं।
5 स्टेप्स में समझें स्कैम कैसे होता है:
पहला कॉल: स्कैमर खुद को बैंक या मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल करता है।
भरोसा जीतना: वह किसी असली नाम या कोड का इस्तेमाल कर आपको भरोसे में लेता है।
कॉल मर्ज: वह कहता है कि आपको असली कस्टमर केयर से जोड़ रहा है और तीसरी कॉल को मर्ज करता है।
जानकारी निकालना: मर्ज कॉल पर एक रिकॉर्डेड आवाज़ आती है जो असली लगती है — इसी दौरान स्कैमर आपसे OTP या बैंक डिटेल मांगता है।
पैसे की निकासी: जैसे ही आप जानकारी देते हैं, स्कैमर तुरंत आपके अकाउंट से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर देता है।
बचाव के लिए 8 जरूरी सावधानियां:
किसी भी अनजान कॉल पर बैंक या OTP डिटेल्स न बताएं।
कोई भी बैंक या RBI कभी फोन पर OTP या PIN नहीं मांगता।
कॉल मर्ज या कॉन्फ्रेंस कॉल रिक्वेस्ट तुरंत रिजेक्ट करें।
यदि कोई खुद को बैंक अधिकारी बताकर बात करे, कॉल काटकर सीधे बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें।
Google पर सर्च किए गए नंबर से आए कॉल पर भरोसा न करें, कई बार वे नकली होते हैं।
फोन पर AnyDesk, QuickSupport या रिमोट एक्सेस ऐप कभी इंस्टॉल न करें।
साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
अपने मोबाइल और ईमेल में बैंक अलर्ट ऑन रखें ताकि किसी भी ट्रांजेक्शन की जानकारी तुरंत मिले।
साइबर सेल की चेतावनी:
दिल्ली, मुंबई, भोपाल और लखनऊ समेत कई शहरों में इस तरह के केस दर्ज हो चुके हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि “यह स्कैम इसलिए खतरनाक है क्योंकि इसमें किसी लिंक या फेक ऐप की जरूरत नहीं पड़ती — सिर्फ एक कॉल से ही फ्रॉड हो जाता है।”
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी कॉल पर बैंक या आधार संबंधित जानकारी साझा न करें।
साइबर लिटरेसी जरूरी क्यों?
भारत में हर दिन औसतन 4,000 से अधिक साइबर फ्रॉड दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें से करीब 40% स्कैम फोन कॉल या वॉइस फ्रॉड के जरिए होते हैं।
डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, साइबर साक्षरता यानी Cyber Literacy आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत बन चुकी है।
