March 24, 2026
Hostel Policy Reform: VIT यूनिवर्सिटी घटना के बाद MP सरकार सख्त, छात्रावासों के लिए नई गाइडलाइन जारी
एमपी भोपाल

Hostel Policy Reform: VIT यूनिवर्सिटी घटना के बाद MP सरकार सख्त, छात्रावासों के लिए नई गाइडलाइन जारी

Dec 3, 2025

भोपाल।

वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुई गंभीर घटना ने पूरे देश में छात्रावास सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने अब राज्य के सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों में संचालित छात्रावासों के लिए नई व्यापक नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिस भी जारी कर दिया है, जिसमें संस्थानों को सुरक्षा, निगरानी, और छात्रों की मानसिक-सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।क्या है नई नीति का उद्देश्य?राज्य सरकार के अनुसार छात्रावासों में रहने वाले युवाओं की सुरक्षा, अनुशासन और मनोवैज्ञानिक संरक्षण को सुनिश्चित करना आवश्यक है। VIT जैसी घटनाओं ने दिखाया है कि हॉस्टल प्रबंधन में होने वाली लापरवाहियां छात्रों के जीवन पर भारी पड़ सकती हैं। इसी कारण MP सरकार ने “Zero Negligence Framework” की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।नीति का प्रारूप ऐसा होगाजारी नोटिस के तहत, जो नीति तैयार की जा रही है उसमें निम्न बिंदु शामिल किए जाएंगे—1. 24×7 सुरक्षा और निगरानीहर हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्यसुरक्षा गार्डों की संख्या छात्रों की संख्या के अनुसार बढ़ाई जाएगीमहिला छात्रावासों में महिला सुरक्षा कर्मियों की अनिवार्य तैनाती2. छात्रों की मनोवैज्ञानिक सुरक्षासंस्थानों को लाइसेंस्ड काउंसलर उपलब्ध कराना होगामहीने में कम से कम एक बार मानसिक स्वास्थ्य सत्रशिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाएगा3. प्रवेश-निकास सिस्टम सख्तडिजिटल एंट्री सिस्टमहर छात्र के लिए यूनिक एक्सेस कार्डदेर रात आने-जाने की स्पष्ट टाइमिंग और नियम4. वार्डन की जवाबदेही बढ़ेगीहर वार्डन के लिए जिम्मेदारी चार्टर तैयार होगालापरवाही पाए जाने पर सीधे कार्रवाईमहिला छात्रावासों में महिला वार्डन अनिवार्य5. आपातकालीन हेल्पलाइनसंस्थान स्तर पर 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइनजिला प्रशासन और पुलिस कंट्रोल रूम से सीधा कनेक्ट—नोटिस में क्या कहा गया है?उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी शिक्षण संस्थान 15 दिनों के भीतर अपने छात्रावासों की वर्तमान व्यवस्था की रिपोर्ट सौंपें। इसके बाद राज्य सरकार अंतिम नीति जारी करेगी। इस नीति को सत्र 2025-26 से अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—“हमारा लक्ष्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि छात्रों का संपूर्ण संरक्षण है। ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों, इसलिए नियम बेहद कड़े होंगे।”—माता-पिता और छात्रों की प्रतिक्रियामाता-पिता ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि तेजी से बढ़ती हॉस्टल घटनाओं ने उन्हें अपने बच्चों को बाहर पढ़ने भेजने को लेकर असुरक्षित किया था।छात्रों ने भी नए नियमों के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है। उनका कहना है कि—“सुरक्षा बढ़ने से पढ़ाई पर फोकस करना आसान होगा।”

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