February 5, 2026
Bypass Controversy: भोपाल बायपास पर 270 करोड़ टोल वसूली पर बवाल, कांग्रेस MLA का सवाल—‘रखरखाव नहीं किया तो वसूली का अधिकार किसे दिया?’
एमपी भोपाल

Bypass Controversy: भोपाल बायपास पर 270 करोड़ टोल वसूली पर बवाल, कांग्रेस MLA का सवाल—‘रखरखाव नहीं किया तो वसूली का अधिकार किसे दिया?’

Dec 6, 2025

भोपाल।

भोपाल बायपास पर टोल वसूली को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। सरकार द्वारा अब तक करीब 270 करोड़ रुपये टोल के रूप में लेने के बाद कांग्रेस ने इस पर बड़ा सवाल उठाया है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक ने आरोप लगाया कि जिस सड़क का नियम अनुसार नियमित रखरखाव होना चाहिए था, वह वर्षों तक बदहाल पड़ी रही, ऐसे में सरकार और ठेकेदार ने आखिर किस अधिकार से टोल वसूला?इस बयान के बाहर आते ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई। बीजेपी सरकार का कहना है कि टोल वसूली कानूनी समझौते के तहत हुई है, वहीं कांग्रेस इसे ‘जनता से की गई अन्यायपूर्ण वसूली’ बता रही है।—सड़क की वास्तविक हालत पर उठे सवालकांग्रेस MLA ने दावा किया कि भोपाल बायपास प्रदेश की सबसे व्यस्त और रणनीतिक सड़कों में से एक है, लेकिन लंबे समय तक इस पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटे हिस्से और क्षतिग्रस्त लेन यात्रियों की परेशानी बढ़ाते रहे। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत के लिए न तो बड़े कार्य किए गए और न ही समय पर पैचवर्क।उन्होंने कहा,“जब सड़क का बेसिक रखरखाव ही नहीं हुआ, तो यह 270 करोड़ रुपये आखिर किस सेवा का शुल्क है?”स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने भी कई बार शिकायत की कि बायपास से गुजरते समय ट्रैफिक जाम, डाइवर्जन और खराब सड़क की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई बार सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल होकर विवाद को और गहरा देते रहे हैं।—टोल वसूली पर सरकार का पक्षवहीं सरकारी सूत्रों का कहना है कि टोल वसूली बिल्कुल नियमों के अनुरूप की गई है और सरकार ने ठेकेदार कंपनी को सड़क रखरखाव के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश दिए थे।सरकार का दावा है कि बायपास पर मरम्मत कार्य समय-समय पर होता रहा है और जल्द ही पूरी सड़क का पुनर्निर्माण भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि टोल नीतियों के तहत वसूली की कोई रकम अवैध नहीं है।लेकिन MLA का कहना है कि यदि वसूली वैध है, तो सड़क की हालत वैसी क्यों नहीं दिखती जैसी मानकों में तय है? इसी बिंदु पर विवाद और गहरा हो गया है।—270 करोड़ टोल—कब, कैसे और क्यों?आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बीते वर्षों में टोल नाकों पर भारी मात्रा में ट्रैफिक गुजरता रहा है—हैवी ट्रकों से लेकर रोजाना आने-जाने वाली कारों तक।कुल वसूली: करीब 270 करोड़ रुपयेअवधि: अनुबंध अवधि में कई चरणों में वसूला गयाउपयोग: रखरखाव व संचालन के लिए निर्धारितकांग्रेस का आरोप है कि राशि तो वसूली गई, पर सड़क रखरखाव का काम तय मानकों के अनुसार नहीं किया गया।सरकार का दावा है कि रखरखाव लागत के कई चरण पूरे किए गए, और भविष्य में बड़े उन्नयन की योजना बन चुकी है।—सड़क की बदहाली से जुड़े हादसे भी आए चर्चा मेंMLA ने दावा किया कि खराब सड़क की वजह से कई छोटे-बड़े हादसे सामने आए। उनका कहना है कि यह सिर्फ “पैसे की वसूली” नहीं, बल्कि “जनसुरक्षा से खिलवाड़” का मामला है।स्थानीय लोगों ने भी बताया कि कुछ जगहों पर बारिश के दिनों में सड़क का हिस्सा दलदल जैसा हो जाता है। रात में भारी वाहन गुजरते समय हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।—शासन-प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवालकांग्रेस नेताओं का कहना है कि टोल ठेकेदार को समय-समय पर न सिर्फ नोटिस देना चाहिए था, बल्कि उसके खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए थी।

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