Pranjali Awasthi AI startup: सिर्फ 16 साल की उम्र में खड़ी की ₹100 Crore की कंपनी, जानिए इनकी कहानी
आज के दौर में जहां टेक्नोलॉजी हर दिन बदल रही है, वहीं सक्सेस और आंत्रप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) की पुरानी डेफिनेशंस को भी बदला जा रहा है। इस बदलाव को लीड कर रही हैं भारतीय मूल की टेक प्रॉडिगी (Tech Prodigy) प्रांजली अवस्थी। प्रांजली ने ट्रेडिशनल हाई स्कूल लाइफ को छोड़कर मात्र 16 साल की उम्र में Delv.AI नाम का एक Pranjali Awasthi AI startup खड़ा कर दिया, जिसकी वैल्यूएशन आज पूरे ₹100 करोड़ ($12 Million) है! प्रांजली की यह जर्नी सिर्फ रातों-रात मिलने वाली वायरल सक्सेस नहीं है, बल्कि यह एक मास्टरक्लास है कि कैसे सही उम्र में स्किल्स सीखकर और रियल-वर्ल्ड प्रॉब्लम्स को सॉल्व करके इतिहास रचा जा सकता है।
7 साल की उम्र में कोडिंग और कमाल का बैकग्राउंड
ग्रेट इनोवेटर्स कभी भी अचानक से नहीं बनते। प्रांजली के लिए इस सफर की शुरुआत तब हुई जब वह सिर्फ 7 साल की थीं। उनके पिता, जो खुद एक computer engineer हैं, उन्होंने प्रांजली को बहुत छोटी उम्र में ही प्रोग्रामिंग और कोडिंग की दुनिया से इंट्रोड्यूस करवा दिया था। जब उनका परिवार 11 साल की उम्र में फ्लोरिडा (USA) शिफ्ट हुआ, तो प्रांजली को वहां एडवांस कंप्यूटर साइंस और मैथमेटिक्स का एक बेहतरीन माहौल मिला।
जब उनकी उम्र के बाकी बच्चे मिडिल स्कूल की लाइफ एन्जॉय कर रहे थे, तब 13 साल की प्रांजली ‘फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी’ की रिसर्च लैब्स में इंटर्नशिप कर रही थीं और मशीन लर्निंग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थीं।
साल 2020 में जब पैनडेमिक की वजह से उनकी पढ़ाई वर्चुअल हो गई, तो उन्होंने उस टाइम को बर्बाद करने के बजाय यूनिवर्सिटी के लिए डेटा एक्सट्रैक्शन और रिसर्च वर्क्स में हर हफ्ते 20 घंटे देना शुरू कर दिया।
इसी रिसर्च प्रोसेस के दौरान उन्होंने एक बहुत बड़ा ‘बॉटलनेक’ (समस्या) नोटिस किया। उन्होंने देखा कि सर्च इंजन इंटरनेट पर मौजूद लाखों-करोड़ों फाइल्स और आर्टिकल्स में से स्पेसिफिक साइंटिफिक डेटा को ढूंढने में बहुत ज्यादा टाइम लेते हैं और यह प्रोसेस काफी थका देने वाला था।
The Rise of Pranjali Awasthi AI startup
अकैडमिक डेटा ब्लाॅट (Data Bloat) को खत्म करने के विज़न के साथ प्रांजली ने 2021 में ‘मियामी हैक वीक’ (Miami Hack Week) में हिस्सा लिया। वहां उनके टैलेंट ने टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम जैसे लूसी गुओ (Lucy Guo) और डेव फोंटेनॉट (Dave Fontenot) का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रांजली को मियामी में उनके प्रेस्टीजियस लाइव-इन स्टार्टअप एक्सेलरेटर प्रोग्राम में जगह मिल गई।
इस वन्स-इन-ए-लाइफटाइम अपॉर्चुनिटी को देखते हुए प्रांजली के पैरेंट्स ने भी उनका पूरा साथ दिया और उन्होंने हाई स्कूल से ऑफिशियल लीव ले ली। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने टेक प्रोडक्ट्स के सबसे बड़े ग्लोबल प्लेटफॉर्म Product Hunt पर Delv.AI का बीटा वर्जन लॉन्च किया, जो देखते ही देखते उस दिन का नंबर-3 प्रोडक्ट बन गया। यह Pranjali Awasthi AI startup की पहली सबसे बड़ी ग्लोबल कामयाबी थी।
₹100 Crore की कंपनी और एक टीनएज बॉस की चुनौतियां
Delv.AI आज के समय में एकेडमिक्स, कॉर्पोरेट्स और रिसर्च लैब्स की एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम को सॉल्व करता है। यह AI टूल बड़े-बड़े PDF स्टैक्स और क्लाउड डेटा को माइन, filter और समराइज करता है, जिससे रिसर्चर्स का डेटा कलेक्शन टाइम 75% तक कम हो जाता है।
इन्वेस्टर्स को यह आइडिया बेहद पसंद आया। एक शानदार डेमो डे (Demo Day) के बाद प्रांजली ने ओपनएआई (OpenAI) के शुरुआती बैकर्स में शामिल प्रसिद्ध वेंचर फंड Village Global और ऑन डेक (On Deck) जैसी एलीट वेंचर फर्म्स से $450,000 (लगभग ₹3.7 करोड़) की फंडिंग जुटाई। आज वो इंजीनियर्स और ऑपरेटर्स की एक बड़ी टीम को कमांड करती हैं, जिनमें से लगभग सभी उनसे उम्र और एक्सपीरियंस में काफी बड़े हैं।
एक इंटरव्यू में एक टीनएज बॉस होने के एक्सपीरियंस पर प्रांजली ने कहा:
“चूंकि मेरी टीम के मेंबर्स मुझसे बड़े हैं, इसलिए अच्छा कम्युनिकेशन बहुत जरूरी है। साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि कब कमान अपने हाथ में लेनी है।”
उन्होंने यह भी माना कि जहां कई लोग एक यंग फाउंडर की मदद करने के लिए आगे आते हैं, वहीं कुछ लोग उन्हें कमतर भी आंकते हैं। लेकिन प्रांजली इन सब चैलेंजेस का जवाब अपने हार्ड डेटा और क्लियर प्रोडक्ट रोडमैप से देती हैं।
Why This Pranjali Awasthi AI startup Matters
प्रांजली अवस्थी सिर्फ एक स्टार्टअप की सक्सेस पर नहीं रुकीं। टेक वर्ल्ड में अपनी पहचान बनाने के बाद, उन्होंने जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में अपनी बैचलर्स डिग्री पूरी की और हाल ही में अपना अगला वेंचर भी को-फाउंड किया है, जिसका नाम है Dash (Salshy) इसे एक “ChatGPT with hands” की तरह देखा जा रहा है, जो सिर्फ टेक्स्ट समराइज नहीं करेगा, बल्कि आपके डिजिटल कामों को ऑटोमेट और एग्जीक्यूट करने में मदद करेगा।
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Progressive Mind Takeaway
प्रांजली अवस्थी की यह सक्सेस स्टोरी एजुकेशन और बिजनेस के पुराने ढर्रे को पूरी तरह तोड़ती है। यह साबित करता है कि जब अर्ली-स्टेज डिजिटल लिटरेसी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग माइंडसेट एक साथ मिलते हैं, तो उम्र का कोई बंधन नहीं रह जाता।
AI के इस दौर में अब जरूरी नहीं कि अगला बड़ा टेक जायंट सिलिकॉन वैली के किसी कॉलेज ड्रॉपआउट द्वारा ही बनाया जाए—इसे कोई हाई स्कूल का स्टूडेंट भी बना सकता है, जिसने यह तय कर लिया हो कि एडल्ट होने का इंतज़ार करना सिर्फ वक़्त की बर्बादी है! इस Pranjali Awasthi AI startup ने यह साबित कर दिया है कि फ्यूचर उन लोगों का है जो वक़्त से पहले सोचने की हिम्मत रखते हैं।
