अगले वर्ष शेन्झेन में एपेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा चीन : शी चिनफिंग
बीजिंग | 1 नवंबर 2025
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने घोषणा की है कि उनका देश अगले वर्ष एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह ऐतिहासिक सम्मेलन दक्षिणी चीन के तकनीकी शहर शेन्झेन में आयोजित किया जाएगा।
इस घोषणा के साथ ही चीन ने संकेत दिया है कि वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
APEC शिखर सम्मेलन क्या है
एपेक (Asia-Pacific Economic Cooperation) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो 21 सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापारिक स्वतंत्रता और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देता है।
हर साल इसका शिखर सम्मेलन किसी एक सदस्य देश में आयोजित किया जाता है, जहां सदस्य राष्ट्रों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश, व्यापारिक बाधाओं और तकनीकी साझेदारी पर चर्चा करते हैं।
चीन की तैयारी और उद्देश्य
शी चिनफिंग ने कहा कि “शेन्झेन” को आयोजन स्थल बनाना चीन की नई आर्थिक दृष्टि को दर्शाता है, क्योंकि यह शहर तकनीक, नवाचार और व्यापार के क्षेत्र में चीन का सबसे बड़ा हब बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन आने वाले वर्षों में एशिया-प्रशांत क्षेत्र को “साझा समृद्धि और स्थिरता” की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
चीन ने पहले भी 2001 में शंघाई और 2014 में बीजिंग में APEC शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।
यह तीसरा मौका होगा जब चीन इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच की मेजबानी करेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम मंच
विशेषज्ञों का कहना है कि यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है —
जैसे आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, व्यापारिक नीतियों में असंतुलन और तकनीकी प्रतिस्पर्धा।
ऐसे में चीन की यह मेजबानी इस क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सदस्य देशों की संभावित भागीदारी
APEC में अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस, भारत (Guest Member), इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया सहित कुल 21 सदस्य देश शामिल हैं।
सम्मेलन में प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति, जापान के प्रधानमंत्री और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के नाम प्रमुख हैं।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों के अनुसार, चीन इस सम्मेलन को अपनी सॉफ्ट पावर को मज़बूत करने और क्षेत्रीय आर्थिक प्रभाव को बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहा है।
शेन्झेन का चयन यह दर्शाता है कि चीन वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी क्षमता और विकास मॉडल को प्रस्तुत करना चाहता है।
