March 26, 2026
BJP Action on RK Singh: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पर BJP का बड़ा एक्शन, पार्टी से निकाला
बिहार भारत

BJP Action on RK Singh: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह पर BJP का बड़ा एक्शन, पार्टी से निकाला

Nov 15, 2025

BJP Action on RK Singh:

बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता आर. के. सिंह को पार्टी से निकाल दिया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद लिया गया यह फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है, और इसे “पार्टी विरोधी गतिविधियों” का परिणाम बताया है।

क्या है पूरा मामला?

आर. के. सिंह ने पिछले कुछ महीनों में बिहार सरकार और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर कई बड़े सवाल उठाए थे। उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा, उन्होंने प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देने के लिए पार्टी नेताओं को खुलकर चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी राज्य सरकार और नेताओं पर लगे आरोपों का स्पष्टीकरण नहीं देती, तो जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है। उनकी यह टिप्पणी पार्टी लाइन से हटकर मानी गई।

बिहार सरकार और पावर प्रोजेक्ट पर भी लगाए आरोप

आर. के. सिंह ने बिहार के ऊर्जा विभाग में एक बड़े पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका दावा था कि भागलपुर पीरपैंती थर्मल प्रोजेक्ट के तहत ₹50,000 करोड़ के अनियमित लेन-देन हुए हैं, जिसमें बड़े कॉरपोरेट समूहों की भूमिका है। उन्होंने कहा था कि इस मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने बिहार में शराबबंदी को भी असफल बताया। उनके अनुसार, “शराबबंदी ने युवाओं को अपराध और अवैध शराब कारोबार की ओर धकेल दिया है।” यह बयान भी पार्टी के आधिकारिक रुख के विपरीत था।

चुनाव से पहले दिया था विवादित बयान

चुनाव प्रचार के दौरान आर. के. सिंह ने सोशल मीडिया पर लोगों को अपील की थी कि वे “आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को वोट न दें।” इस बयान में उन्होंने सीधे-सीधे कुछ BJP नेताओं का नाम भी लिया था। पार्टी ने इस बयान को ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ माना।

इसके बाद पार्टी ने उन्हें पहले चुनाव प्रचार समिति और मेनिफेस्टो समिति से हटाया। अंततः चुनाव नतीजों के बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।

BJP ने क्या कहा?

पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में लिखा गया है कि—
“श्री आर. के. सिंह की गतिविधियाँ लगातार पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के विरुद्ध थीं। उनके बयानों ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाया। इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया जाता है।”

हालांकि, BJP के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर ज्यादा टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि यह आंतरिक अनुशासन का विषय है।

आर. के. सिंह की प्रतिक्रिया क्या है?

निष्कासन के बाद आर. के. सिंह ने कहा कि उन्होंने “सिर्फ सत्य बोलने की हिम्मत की और जनता के हित में सवाल उठाए।” उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे की रणनीति पर जल्द निर्णय लेंगे। उन्होंने किसी नई पार्टी में जाने से इनकार नहीं किया है।

राजनीतिक हलकों में हलचल

BJP के इस फैसले को कई राजनीतिक विश्लेषक एक ‘संदेशात्मक कार्रवाई’ बता रहे हैं। चुनाव जीतने के बाद पार्टी यह संकेत देना चाहती है कि—

  • आंतरिक मतभेद सार्वजनिक रूप से जाहिर नहीं किए जाएंगे

  • सरकार पर सवाल उठाने वालों के लिए कोई नरमी नहीं

  • नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोलने वालों को संगठन में जगह नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले समय में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आर. के. सिंह अपना अगला राजनीतिक कदम क्या उठाते हैं। क्या वह किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे, नया मंच बनाएंगे या निष्कासन के बाद भी BJP के साथ सीमित भूमिका में बने रहेंगे—इन सवालों पर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।