नई दिल्ली / विशाखापट्टनम:
बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात “मोन्था” अब एक तेज़ रफ्तार तूफान में तब्दील हो चुका है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सोमवार देर रात आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा तट से टकराएगा।
टकराव के समय हवाओं की गति 120 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि समुद्र में 5 मीटर ऊंची लहरें उठने का अंदेशा है।
आंध्र से ओडिशा तक रेड अलर्ट, 50 हजार लोगों की निकासी पूरी
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
तटीय गांवों से करीब 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
NDRF, SDRF और नौसेना की टीमें राहत कार्य के लिए तैयार हैं।
कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
समुद्र उफान पर, काकीनाड़ा-विशाखापट्टनम में खतरा बढ़ा
तूफान के असर से समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
काकीनाड़ा, अमलापुरम, नरसापुरम, कृष्णा और विशाखापट्टनम जिलों में समुद्री पानी के किनारे तक पहुंचने की खबरें हैं।
IMD ने चेतावनी दी है कि कई तटीय इलाकों में समुद्र का पानी घरों और सड़कों में घुस सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों को खाली कराने के निर्देश जारी किए हैं।
बारिश और तेज़ हवाओं का दौर शुरू
IMD के मुताबिक, “मोन्था” के चलते आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश शुरू हो गई है।
कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा पार कर चुकी है।
अगले 48 घंटों तक पूर्वी भारत के कई हिस्सों में लगातार वर्षा और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
प्रधानमंत्री ने हालात की समीक्षा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात की और राहत तैयारियों की जानकारी ली।
केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि एयरलाइंस ने विशाखापट्टनम और राजमुंदरी की कई उड़ानें स्थगित कर दी हैं।
‘मोन्था’ की दिशा और रफ्तार
अभी तूफान काकीनाड़ा से करीब 230 किमी दक्षिण-पूर्व में है।
इसकी गति 18 किमी प्रति घंटा है, और यह लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंगलवार सुबह तक यह ज़मीन से टकराकर धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है, लेकिन उसके बाद भी भारी बारिश और तेज़ हवाएं जारी रहेंगी।
नाम “मोन्था” का मतलब क्या है?
इस चक्रवात का नाम थाईलैंड ने दिया है।
“मोन्था” शब्द वहां के एक सुंदर फूल का नाम है, जो स्थिरता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
हालांकि, इस वक्त “मोन्था” का रूप समुद्र में विनाशकारी शक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
🚨 IMD की चेतावनी और सुझाव
अगले 24 घंटे बेहद अहम होंगे।
तटीय लोग घरों से बाहर न निकलें।
बिजली के खंभों, पेड़ों या पुराने ढांचों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
