March 24, 2026
Delhi High Court ने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर उठाए सवाल, केंद्रीय सशस्त्र बलों से जुड़ा है मामला
दिल्ली लीगल न्यूज़

Delhi High Court ने गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर उठाए सवाल, केंद्रीय सशस्त्र बलों से जुड़ा है मामला

Nov 1, 2025

नई दिल्ली | 1 नवंबर 2025

Delhi High Court  ने गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (Central Armed Police Forces) की भर्ती और चयन प्रक्रिया से जुड़ा है, जहां एक उम्मीदवार को मेडिकल टेस्ट में अयोग्य ठहराए जाने के बाद कोर्ट ने उस फैसले पर आपत्ति जताई।


मामला क्या है

दिल्ली हाई कोर्ट ने यह आदेश विभिन्न कुमार नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे मेडिकल आधार पर अयोग्य ठहराकर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया, जबकि उसकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह ड्यूटी के लिए अनुपयुक्त माना जाए।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि भर्ती बोर्ड ने गृह मंत्रालय के पुराने दिशा-निर्देशों के आधार पर निर्णय लिया, जो अब अपडेट नहीं किए गए हैं। अदालत ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्र से पूछा कि आखिर इन दिशा-निर्देशों को अपडेट क्यों नहीं किया गया, जबकि समय-समय पर मेडिकल मानक और फिटनेस पैरामीटर बदलते रहते हैं।


कोर्ट ने क्या कहा

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार को पारदर्शी और समान अवसर देने वाली भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अगर कोई उम्मीदवार सामान्य फिटनेस मानकों पर खरा उतरता है, तो उसे केवल अस्पष्ट दिशा-निर्देशों के आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा है और अगली सुनवाई की तारीख तय की है।


गृह मंत्रालय से मांगा जवाब

अदालत ने गृह मंत्रालय से यह भी पूछा है कि क्या उसने केंद्रीय सशस्त्र बलों के लिए बनाए गए मेडिकल और भर्ती मानकों में पिछले कुछ वर्षों में कोई संशोधन किया है या नहीं।
साथ ही कोर्ट ने मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भविष्य में भर्ती संबंधी दिशा-निर्देश स्पष्ट और अद्यतन (updated) हों, ताकि किसी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।


विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केंद्रीय बलों में भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम है।
कई बार उम्मीदवारों को अस्पष्ट नियमों और पुराने मेडिकल दिशानिर्देशों के कारण अयोग्य ठहरा दिया जाता है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होता है।


आगे क्या होगा

अगली सुनवाई में गृह मंत्रालय को अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा और बताना होगा कि उसके दिशा-निर्देशों को कब और कैसे अपडेट किया गया है।
अगर अदालत सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं होती, तो भविष्य की भर्तियों के लिए नए मानक तय करने का निर्देश भी दे सकती है।