Desperate Move: MP में किसान ने कलेक्टर ऑफिस पर खुद को आग लगाने की कोशिश, प्रशासनिक लापरवाही पर फूटा गुस्सा
कटनी :
मध्य प्रदेश के एक जिला मुख्यालय में मंगलवार सुबह बड़ा हंगामा मच गया, जब एक 45 वर्षीय किसान ने कथित रूप से कलेक्टर ऑफिस के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। किसान अपने साथ लाया पेट्रोल खुद पर उड़ेल चुका था और आग लगाने ही वाला था कि सुरक्षा कर्मचारियों और मौजूद नागरिकों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी फैल गई।किसान लंबे समय से अपनी जमीन, मुआवज़े और प्रशासनिक सुनवाई को लेकर परेशान बताया जा रहा है। परिवार का कहना है कि कई महीनों से वह शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन कहीं भी उचित सुनवाई नहीं हुई।—
🔹 किसान का आरोप—“भ्रष्टाचार और बेपरवाही, अब मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं”पकड़े जाने के बाद किसान ने रोते हुए दावा किया कि उसके खेत से जबरन कब्जा हटाने, मुआवज़ा रुकने और अधिकारियों की ढिलाई के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुका है।उसने कहा—“साहब, हम गरीबों की कहीं सुनवाई नहीं। कलेक्टर साहब से मिलने आया था, लेकिन हर बार बाबू टाल देते हैं। आज सोचा कि जान ही दे दूँ, शायद तब कोई ध्यान दे।”परिवार के सदस्यों ने भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी न तो राजस्व विभाग ने नाप-तौल की, न कोई कार्रवाई हुई।—
🔹 कैसे हुई घटना?सुबह करीब 11 बजे किसान एक बोतल में पेट्रोल भरकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा।कुछ देर तक वह इधर-उधर घूमता रहा, फिर अचानक उसने खुद पर पेट्रोल छिड़कना शुरू कर दिया। मौके पर तैनात सुरक्षा गार्डों को जब शक हुआ, तो वे उसकी ओर बढ़े।जैसे ही उसने माचिस जलाने का प्रयास किया, दो गार्ड और वहां मौजूद एक कर्मचारी ने दौड़कर उसे पकड़ लिया।किसान को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और पेट्रोल से भीगे कपड़े हटाए गए।इस दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद लोग घबराकर दूर भागने लगे। कुछ देर तक हड़कंप का माहौल बना रहा।—
🔹 प्रशासन हरकत में—SDM और राजस्व अधिकारियों ने ली बयानघटना के तुरंत बाद SDM और अन्य राजस्व अधिकारियों ने किसान से प्रारंभिक बातचीत की।अधिकारियों का कहना है कि किसान की शिकायतों की फाइलें देखी जा रही हैं और जिस भी स्तर पर लापरवाही हुई है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया—“आत्मदाह का प्रयास गंभीर मामला है। किसान की समस्याओं को प्राथमिकता पर देखा जा रहा है।”—
🔹 पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरूकलेक्टर कार्यालय क्षेत्र में आत्मदाह का प्रयास होने पर पुलिस ने धारा 309 के तहत केस दर्ज कर लिया है।हालांकि पुलिस का कहना है कि उसे किसान के मानसिक तनाव, जमीन विवाद और शिकायतों की पूरी जांच करनी होगी।परिवार ने पुलिस से अनुरोध किया है कि किसान के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और उसकी शिकायतों का निपटारा जल्द कराया जाए।—
🔹 गांव के लोगों का आरोप—“कई बार शिकायत दे चुके, कार्रवाई नहीं होती”गांव के कुछ लोगों ने भी मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि किसान पिछले 8–10 महीनों से लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहा था।किसानों का कहना है कि—पंचनामा समय पर नहीं हुआग्राम स्तरीय अधिकारी सुनवाई नहीं करतेमुआवज़ा फाइल कई महीनों से रुकी हैग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसान की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।—🔹 कलेक्टर का बयान—“किसान की समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा”घटना के बाद कलेक्टर ने बयान जारी करते हुए कहा है—“कोई भी व्यक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर इतना हताश हो जाए, यह चिंता का विषय है। हम किसान की पूरी समस्या की समीक्षा करेंगे और समाधान सबसे पहले किया जाएगा।”कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि किसान की शिकायतों का डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार कर तुरंत प्रस्तुत करें।—
🔹 आत्मदाह के प्रयास बढ़ा रहे चिंतामध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किसानों और आम नागरिकों द्वारा आत्मदाह या प्रयास की घटनाएं बढ़ी हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि—न्याय में देरीकमजोर सुनवाईभ्रष्टाचारमुआवज़े में अड़चनऔर राजस्व विवादइन सबके कारण आम आदमी अवसाद में चला जाता है और अतिवादी कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है।समाजशास्त्रियों ने इसे प्रशासन के लिए “रेड अलर्ट” की स्थिति बताया है।—
🔹 आगे क्या?कलेक्टर ने मामले की जाँच के लिए एक 3-सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो 7 दिनों में रिपोर्ट देगी।किसान इस वक्त पुलिस सुरक्षा में है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।परिवार ने उम्मीद जताई है कि सरकार और प्रशासन अब उसकी बात जरूर सुनेगा।
