February 5, 2026
DGCA का बड़ा एक्शन: IndiGo के चार फ्लाइट इंस्पेक्टर सस्पेंड, एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
बिजनेस भारत

DGCA का बड़ा एक्शन: IndiGo के चार फ्लाइट इंस्पेक्टर सस्पेंड, एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

Dec 12, 2025

New Delhi | DGCA (Directorate General of Civil Aviation) का देश के सबसे बड़े लो-कॉस्ट कैरियर IndiGo पर सख्त रुख जारी है। हाल ही में DGCA ने एयरलाइन से जुड़े चार फ्लाइट इंस्पेक्टर्स को निलंबित कर दिया, जिन पर नियमों के उल्लंघन, सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी और निरीक्षण रिपोर्टों में गंभीर कमियों का आरोप लगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ठीक एक दिन पहले IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स को DGCA के सामने पेश होकर जवाब देना पड़ा था। इस घटनाक्रम ने भारत के विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।

पिछले कुछ महीनों में एयरलाइन इंडस्ट्री के भीतर सुरक्षा प्रक्रियाओं और ऑपरेशनल ट्रांसपेरेंसी को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन DGCA की ताज़ा कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। DGCA ने साफ कहा है कि यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है और यदि किसी स्तर पर भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।

DGCA की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिन इंस्पेक्टर्स को सस्पेंड किया गया है, उन्होंने निरीक्षण के दौरान कुछ महत्वपूर्ण चेकपॉइंट्स को या तो अधूरा छोड़ा या उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। खास तौर पर यह सवाल उठाया गया कि कुछ निरीक्षण फॉर्म्स को बिना पूर्ण सत्यापन के क्लियर किया गया था, जिससे उड़ान सुरक्षा के मानक कमजोर हो सकते थे। DGCA के अनुसार, यह केवल इंडिगो तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि पूरे विमानन सेक्टर में निरीक्षण प्रक्रियाओं को लेकर भविष्य में और भी गहन जांच की जाएगी।

इस बीच IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स को DGCA से विस्तृत स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया था। सूत्रों का कहना है कि DGCA ने उनसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल किए, जिनमें एयरलाइन की सुरक्षा निरीक्षण प्रणाली, उनके इंटरनल ऑडिट की गुणवत्ता और हाल में सामने आई शिकायतों का निवारण शामिल था। DGCA ने एयरलाइन से यह भी पूछा कि जब निरीक्षण में इतनी कमियां पाई गईं, तो एयरलाइन की आंतरिक मॉनिटरिंग टीम ने इन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ा। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले हफ्तों में DGCA इंडिगो की ऑपरेशनल प्रक्रियाओं का एक और विशेष ऑडिट कर सकता है, जिसमें पायलट ट्रेनिंग, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और सुरक्षा दस्तावेजों की खासतौर पर जांच होगी।

एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि DGCA की यह कार्रवाई न केवल इंडिगो बल्कि अन्य एयरलाइंस के लिए भी एक चेतावनी है। भारत में पिछले कुछ वर्षों में उड़ानों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण सुरक्षा प्रबंधन का दायरा भी बढ़ा है। बढ़ती मांग के बीच एयरलाइंस पर समयबद्धता, लागत नियंत्रण और उच्च ऑपरेशनल दक्षता का दबाव भी बढ़ गया है, जो कई बार सुरक्षा प्रोटोकॉल की दिशा में अनजाने में ढिलाई ला सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि निरीक्षण टीम ही सही रिपोर्टिंग न करे तो बाद की पूरी प्रणाली प्रभावित होती है।

हाल ही में कुछ मामलों में तकनीकी खराबियों और उड़ानों के बीच कम समय के अंतराल को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि इंडिगो ने इन्हें सामान्य बताया था, लेकिन DGCA का मानना है कि इंडस्ट्री में कम्प्लायंस स्टैंडर्ड को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है कि निरीक्षण प्रक्रियाएं बिल्कुल पारदर्शी और बिना किसी दबाव के की जाएं। DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबित इंस्पेक्टर्स के खिलाफ आगे विभागीय जांच जारी रहेगी और यदि उनके खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं तो आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इंडिगो के लिए यह मामला प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है, क्योंकि एयरलाइन लंबे समय से समय पर उड़ान भरने और विश्वसनीयता में देश की अग्रणी एयरलाइन रही है। लेकिन सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल उसके ब्रांड वैल्यू पर असर डाल सकते हैं। CEO एल्बर्स ने DGCA को भरोसा दिलाया है कि एयरलाइन अपनी आंतरिक प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा करेगी और जहां भी जरूरत होगी, सुधारात्मक कदम तत्काल उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कंपनी निरीक्षण टीमों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अपडेट करेगी ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक की संभावना कम की जा सके।

विमानन क्षेत्र के जानकार यह भी कहते हैं कि DGCA का यह कदम यात्रियों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा। भारत में हवाई यात्रा पिछले दशक में तेज़ी से बढ़ी है और प्रतिदिन लाखों लोग उड़ानों का उपयोग करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की निगरानी और कठोर कार्रवाई यह सुनिश्चित करेगी कि एयरलाइंस किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। DGCA के पास अब अधिक आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम, रियल-टाइम रिपोर्टिंग मैकेनिज़्म और डिजिटल ऑडिट ट्रेल्स उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल करके निरीक्षण प्रक्रियाओं को और कड़ा किया जा रहा है।

उद्योग से जुड़े कई विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि DGCA के स्तर पर सुधारों के साथ-साथ इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस को भी अपनी आंतरिक व्यवस्था मजबूत करनी होगी। निरीक्षण विभाग की स्वतंत्रता, पायलट और क्रू की ट्रेनिंग, मेंटेनेंस टीमों पर कार्यभार और रिपोर्टिंग सिस्टम की पारदर्शिता — ये सभी ऐसे बिंदु हैं जिन पर एयरलाइन को निरंतर काम करना होगा। DGCA का हालिया कदम यह संकेत देता है कि सुरक्षा से समझौता करने का परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है।

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