उज्जैन (मध्य प्रदेश):
Divyang Park: मध्य प्रदेश का उज्जैन जिला अब देशभर में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। यहाँ बनाया जा रहा है देश का सबसे बड़ा दिव्यांग पार्क (Divyang Park), जिसमें दिव्यांगजनों के लिए हर प्रकार की सुलभ (Accessible) और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परियोजना का उद्देश्य है — “हर व्यक्ति को समान अवसर और सुलभ वातावरण देना।”
देश का सबसे बड़ा दिव्यांग पार्क होगा उज्जैन में
सरकारी जानकारी के अनुसार, यह पार्क स्मार्ट सिटी मिशन और सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से तैयार किया जा रहा है।
यहां फिजिकल, विजुअल, हियरिंग और ऑटिज़्म जैसी सभी श्रेणियों के दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई सुविधाएँ होंगी।
पार्क की प्रमुख विशेषताएं:
- व्हीलचेयर फ्रेंडली पाथवे और रैंप्स
- स्पेशल प्ले जोन – जहां सभी प्रकार के दिव्यांग बच्चे खेल सकेंगे
- ऑडियो-असिस्टेड गार्डन वॉक
- सेंसरी ज़ोन और म्यूज़िक थेरेपी एरिया
- ब्रेल साइन बोर्ड और डिजिटल गाइडेंस सिस्टम
- हेल्थ चेकअप सेंटर और ट्रेनिंग हॉल
‘सबके लिए समानता’ का प्रतीक बनेगा यह पार्क
अधिकारियों ने बताया कि यह पार्क समावेशी समाज (Inclusive Society) की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
यहाँ स्कूलों और संस्थाओं को भी दिव्यांगजनों के साथ सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
“हम चाहते हैं कि दिव्यांग लोग केवल दर्शक नहीं, बल्कि समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदार बनें।” — अधिकारी
उज्जैन क्यों चुना गया?
उज्जैन को इस परियोजना के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है।
यहां पहले से ही स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई सुलभ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।
निर्माण और बजट
- पार्क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।
- परियोजना का अनुमानित बजट लगभग ₹45 करोड़ बताया जा रहा है।
- इसे अगले 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है।
यह पार्क उज्जैन को न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सामाजिक समावेशिता (Social Inclusion) का भी केंद्र बना देगा।
