Goa Tragedy: गोवा नाइट क्लब में गैस ब्लास्ट से मची तबाही, 25 की मौत — 4 टूरिस्ट सहित 18 की पहचान
पणजी |
गोवा के लोकप्रिय तटीय क्षेत्र में स्थित एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। हादसा इतना भीषण था कि कुछ ही मिनटों में पूरा क्लब धुएँ से भर गया और लोग निकास मार्ग तक नहीं पहुंच पाए। इस दुर्घटना में 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 टूरिस्ट भी शामिल हैं, जबकि 18 शवों की पहचान की जा चुकी है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा लापरवाही के बड़े संकेत मिले हैं।—ब्लास्ट के बाद क्लब में फैला घना धुआँ, दम घुटने से गई ज्यादातर जानेंप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ब्लास्ट रात करीब 1:10 बजे हुआ जब क्लब में लाइव म्यूज़िक परफॉर्मेंस चल रहा था और भीड़ अपने चरम पर थी। गैस सिलेंडर फटते ही आग का एक बड़ा शोला उठा और कुछ ही सेकंड में परिसर धुएँ से भर गया।अधिकतर मौतें आग से नहीं, बल्कि धुएँ के कारण दम घुटने के चलते हुईं। अंदर मौजूद विजिटर्स अचानक अंधेरे और धुएँ में फंस गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग मुख्य गेट तक भी नहीं पहुंच पाए।—बचाव दल ने खिड़कियाँ तोड़कर लोगों को निकालादमकल विभाग की टीम घटना के लगभग 12 मिनट बाद मौके पर पहुंची। बचावकर्मियों ने क्लब की दीवारों और खिड़कियों को तोड़कर फंसे लोगों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक कई लोगों की हालत गंभीर हो चुकी थी।दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया:“क्लब के अंदर कोई आपातकालीन निकास (Emergency Exit) सुरक्षित और कार्यशील नहीं मिला। धुआँ बाहर निकलने की व्यवस्था भी बेहद खराब थी। ये सीधी सुरक्षा लापरवाही है।”—18 शवों की पहचान, 7 की पहचान अभी बाकीमृतकों में गोवा के स्थानीय युवाओं के अलावा देश के विभिन्न शहरों से आए पर्यटक भी शामिल हैं।अब तक 18 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 7 शवों की पहचान DNA परीक्षण से होगी।पहचान किए गए 18 लोगों में —4 विदेशी टूरिस्ट (रूस, जर्मनी और UK के नागरिक)मुंबई, दिल्ली, इंदौर और नागपुर के 7 युवागोवा के 7 स्थानीय कर्मचारी और विजिटर्स शामिल हैं।—क्लब संचालक फरार, 3 मैनेजर गिरफ्तारहादसे के तुरंत बाद क्लब का संचालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने क्लब के तीन मैनेजरों को गिरफ्तार किया है। उन पर हत्या जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।पुलिस ने बताया कि क्लब में—ओवरलोडेड गैस सिलेंडर रखा थासुरक्षा मानकों (NOC) की अवधि 6 महीने पहले ख़त्म हो चुकी थीआपातकालीन गेट पर सामान रखा थावेंटिलेशन सिस्टम खराब थादमकल विभाग की अनुमति भी संदिग्धप्रारंभिक रिपोर्ट में ये सभी तथ्य सामने आए हैं।—सरकार ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेशगोवा के मुख्यमंत्री ने हादसे को “मानव निर्मित त्रासदी” बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और घायलों को 2-2 लाख रुपए की सहायता देने का भी ऐलान किया।—पर्यटन मंत्रालय भी अलर्ट — लाइसेंस रद्द करने का निर्देशयह घटना ऐसे समय पर हुई है जब दिसंबर में गोवा का पर्यटन सीजन अपने चरम पर होता है। इस दुर्घटना से पर्यटन उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।पर्यटन मंत्रालय ने बयान में कहा:“जिन क्लबों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता, उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।”—स्थानीय लोगों में गुस्सा—क्लब के बाहर प्रदर्शनरविवार सुबह स्थानीय लोगों ने हादसे के विरोध में क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि क्लब में अक्सर क्षमता से अधिक भीड़ भरी जाती थी और पुलिस शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं करती थी।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि “ये सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही से हुई हत्या है।”
