Gold prices fall by ₹2,080, कीमत ₹1.23 लाख प्रति 10 ग्राम: इस साल दाम ₹46,552 बढ़े
Gold prices fall by ₹2,080: भारत के सर्राफा बाजार में आज सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी हलचल देखने को मिली। निवेशकों और उपभोक्ताओं की नजरें हमेशा इन दोनों कीमती धातुओं पर टिकी रहती हैं, क्योंकि घरेलू स्तर पर इनका व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक महत्व काफी बड़ा है। आज के भावों में अचानक आई गिरावट ने बाजार में नई चर्चा पैदा कर दी है।
सोने की कीमतों में आज ₹2,080 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद 24 कैरेट सोना अब लगभग ₹1,23,000 प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है। हालांकि यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, लेकिन लंबे समय के नजरिए से देखें तो इस साल अब तक सोने की कीमत में कुल ₹46,552 की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने का रुझान अब भी ऊपर की ओर है।
क्यों गिरा सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में आई अनिश्चितता, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग में हल्की कमी ने घरेलू कीमतों पर असर डाला है। इसी के साथ विदेशी बाजारों में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व द्वारा दिए गए संकेतों ने भी सोने की दिशा को प्रभावित किया है। जब ब्याज दरें बढ़ने के डर से निवेशक इक्विटी की ओर रुख करते हैं, तो कीमती धातुओं में निवेश घटता है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।
दूसरा बड़ा कारण रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व में तनाव की स्थिति है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब भी भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और उसकी कीमतें चढ़ती हैं। लेकिन जैसे ही तनाव में कमी के संकेत दिखते हैं या बाजार में जोखिम-भरी संपत्तियों की ओर झुकाव बढ़ता है, सोने पर दबाव आता है। आज की गिरावट उसी कड़ी का हिस्सा है।
चांदी के दाम भी गिरे
सोने के साथ-साथ चांदी में भी ₹5,237 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। अब चांदी का भाव ₹1,54,000 प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है। चांदी की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रुझान और औद्योगिक मांग पर निर्भर करती हैं। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, और मशीनरी में अधिक होता है, इसलिए वैश्विक औद्योगिक मांग में हल्की गिरावट इसके दामों पर सीधे असर डालती है।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन महीनों में चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कभी औद्योगिक मांग बढ़ने से दाम चढ़ते हैं, तो कभी डॉलर और सोने की दिशा बदलने से यह नीचे आ जाता है। आज की गिरावट भी बाजार सुधार का हिस्सा मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
सोना और चांदी लंबे समय से भारतीय परिवारों का पसंदीदा निवेश रहे हैं। सोने में निवेश को सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह समय के साथ स्थिर रिटर्न देता है। इस साल के आंकड़े बताते हैं कि कीमतों में पिछले उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने ने लगभग 15–18% तक का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग दीर्घकालिक निवेश चाहते हैं, उनके लिए आज की गिरावट एक मौका हो सकता है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सोने में निवेश करते समय हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, और जीएसटी जैसे कारकों पर जरूर ध्यान दिया जाए। वहीं, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, और सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) भी अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं। SGB में ब्याज भी मिलता है और टैक्स बेनिफिट भी मिलता है।
चांदी में निवेश करने वालों के लिए भी यह समय सही साबित हो सकता है। चांदी के भाव जहां गिरे हैं, वहीं औद्योगिक मांग के बढ़ने की संभावना अगले साल चांदी की कीमतों को ऊपर ले जा सकती है।
अगले कुछ दिनों में कीमतें कैसी रहेंगी?
बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में थोड़ी और गिरावट संभव है। हालांकि, दीवाली के बाद शादी के सीजन की वजह से घरेलू मांग बढ़ सकती है, जिससे सोने के दाम फिर से ऊपर जा सकते हैं।
