Gold Price Fall: सोना ₹412 गिरकर 1,22,149 रुपए पर आया, चांदी ₹2,738 सस्ती
भारतीय कीमती धातुओं के बाजार में आज हल्की नरमी का माहौल देखने को मिला। सुबह के व्यापारिक सत्र में सोना लगभग ₹412 की गिरावट के साथ ₹1,22,149 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके साथ ही चांदी भी ₹2,738 सस्ती होकर कमजोर रुझान के साथ कारोबार करती दिखी। लगातार कई दिनों की तेजी के बाद आज बाजार में correction phase स्पष्ट दिखाई दिया, जिसके चलते दोनों धातुओं में गिरावट दर्ज की गई।
आज के उतार-चढ़ाव के बावजूद 2025 का पूरा साल सोना और चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक रहा है। वर्ष की शुरुआत से अब तक गोल्ड लगभग ₹46,000 महंगा हुआ है, जबकि सिल्वर करीब ₹65,000 की बड़ी रैली दर्ज कर चुकी है। निवेशकों के लिए यह साल अब तक बेहतरीन रिटर्न लेकर आया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने में आई गिरावट की मुख्य वजह घरेलू बाजार में निवेशकों द्वारा की गई प्रॉफिट-बुकिंग है। कई सप्ताह की लगातार तेजी के बाद ऊंचे स्तर पर बिक्री निकलनी शुरू हुई, जिससे भावों पर दबाव बना। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों में हल्की नरमी और डॉलर की मजबूती ने भी कीमतों को नीचे धकेला। हालांकि जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और long-term view अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
चांदी की बात करें तो इस धातु में भी आज कमजोरी देखने को मिली। सुबह के सत्र में चांदी ₹2,738 टूटकर ट्रेड हुई। औद्योगिक मांग में हल्का धीमापन और शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स द्वारा की गई सेलिंग इस गिरावट के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में चांदी ने रिकॉर्ड तेजी पकड़ ली थी, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनल और हाई-टेक निर्माण क्षेत्र में इसकी बढ़ती खपत के चलते। इस वजह से कीमतों में तेज उछाल देखा गया था, लेकिन आज की गिरावट को बाजार का स्वाभाविक संतुलन माना जा रहा है।
पूरे वर्ष की दृष्टि से देखा जाए तो गोल्ड की कीमत में लगभग ₹46,000 की वृद्धि दर्ज हुई है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई में बढ़ोतरी, सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीद में बढ़ावा और निवेशकों की safe-haven assets में बढ़ती रुचि इसके प्रमुख कारण रहे हैं। यही वजह है कि सोना इस वर्ष निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और लाभदायक परिसंपत्ति साबित होता दिख रहा है।
दूसरी ओर चांदी ने भी इस साल जोरदार रैली चलाई। लगभग ₹65,000 की बढ़त के साथ सिल्वर ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंडस्ट्रियल यूसेज में तेजी, नई टेक्नोलॉजी में सिल्वर की मांग और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में आए उछाल ने सिल्वर की कीमतों को ऊपर धकेला। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की मांग आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है, जिसके चलते इसकी कीमतों में दीर्घकालिक मजबूती बनी रह सकती है।
आने वाले समय में बाजार किस दिशा में जाएगा, इस पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि दोनों धातुओं में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन बड़ी गिरावट की संभावना कम है। वैश्विक आर्थिक स्थिति, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल के दाम जैसे कई फैक्टर आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए यह समय रणनीतिक रूप से कदम उठाने का है।
Short-term में ट्रेड करने वालों के लिए सलाह है कि उतार-चढ़ाव से फायदा उठाया जा सकता है, लेकिन स्टॉप-लॉस का उपयोग अनिवार्य है। वहीं long-term निवेशकों के लिए गिरावट को buying opportunity माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Gold और Silver दोनों की long-term demand मजबूत बनी हुई है, इसलिए आने वाली हर correction में धीरे-धीरे खरीद बनाना फायदेमंद हो सकता है।
ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए भी आज की गिरावट राहत भरी खबर है। शादी-विवाह के मौसम में कीमतों में यह नरमी उपभोक्ताओं को खरीदारी का मौका प्रदान कर सकती है।
कुल मिलाकर आज बाजार में भले ही सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन पूरे साल की रैली अब भी मजबूत है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी दोनों धातुएँ निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रहेंगी और positive outlook जारी रहेगा।
