उज्जैन।
Hari Har Milan: आज महाकाल की नगरी उज्जैन में एक अनोखा और पावन अवसर आने जा रहा है — “हरि हर मिलन”।
यह वह क्षण होगा जब महादेव (हर) और भगवान विष्णु (हरि) का प्रतीकात्मक संगम महाकालेश्वर मंदिर परिसर में संपन्न होगा।
मान्यता है कि इस मिलन के दौरान बाबा महाकाल स्वयं सृष्टि का भार भगवान गोपाल जी (श्रीकृष्ण) को सौंपते हैं।
सुबह से शुरू हुआ विशेष पूजन
सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर में महाभिषेक, रुद्राष्टाध्यायी और सहस्रधारा पूजन का आयोजन किया गया।
इसके बाद पुजारियों ने बाबा महाकाल के समक्ष भगवान गोपाल जी का स्वागत किया।
शंख, घंटा और वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा परिसर गूंज उठा।
शाम को दोनों प्रतिमाओं के संयोग दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।
धार्मिक मान्यता क्या कहती है
पुराणों में उल्लेख है कि हरि (विष्णु) और हर (शिव) एक ही तत्व हैं —
एक सृजन का और दूसरा संहार का प्रतीक।
जब दोनों का संगम होता है, तो ब्रह्मांड की ऊर्जा एक रूप में प्रवाहित होती है।
इसीलिए इसे “हरि हर मिलन” कहा जाता है — जो सृष्टि के संतुलन का प्रतीक है।
उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मिलन का यह दृश्य देखने के लिए उज्जैन में हजारों श्रद्धालु देशभर से पहुंचे हैं।
महाकाल कॉरिडोर में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
राज्य के पर्यटन विभाग ने इस आयोजन को “धार्मिक-आध्यात्मिक उत्सव” के रूप में प्रचारित किया है।
लाइव प्रसारण भी होगा
इस बार ‘हरि हर मिलन’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा है ताकि देशभर के भक्त दर्शन कर सकें।
पंडितों के अनुसार, इस दिन जो भी भक्त “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करता है, उसे विशेष फल प्राप्त होता है।
