इंदौर:
Hunting: मध्य प्रदेश के जंगलों में एक शख्स द्वारा जानवरों के शिकार की खबर ने राज्य में हलचल मचा दी है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने दक्षिण अफ्रीका में पाले गये शिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था और लौटकर स्थानीय जंगलों में अवैध शिकार कर रहा था।
क्या मिला आरोपित के पास
गिरफ्तार व्यक्ति के पास से पुलिस ने आरोप के मुताबिक निम्न चीजें जब्त की हैं:
- अवैध रूप से रखी गई हंटिंग संबंधित उपकरण और कुछ आरोपित दस्तावेज़।
- घटना वाले इलाक़े के आसपास ली गई कुछ तस्वीरें और वीडियोज़ (जांच जारी)।
वन विभाग ने बताया कि जब्त वस्तुओं और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच जारी है।
पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई
- जिले के SP ने कहा कि आरोपी की गतिविधियों को लेकर कई शिकायतें मिल चुकी थीं।
- आरोपी को Wildlife Protection Act के तहत गिरफ्तार किया गया है और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
- वन अधिकारियों ने इलाके में जल्दी-जल्दी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
आरोपित का मुकाबला — दक्षिण अफ्रीका ट्रेनिंग
जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले कुछ सालों में दक्षिण अफ्रीका गया था और वहां शिकारी प्रशिक्षण/हंटिंग से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हुआ था। घरेलू वन्यजीव कानूनों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के बीच फर्क का फायदा उठाकर आरोपी ने शिकारी तकनीकों को स्थानीय जंगलों में आजमाने का प्रयास किया—जो कि गैरकानूनी है और भारी सज़ा का विषय बन सकता है।
नोट: यह लेख आरोपों का हवाला दे रहा है; आरोपी को कानूनी तौर पर दोषी या निर्दोष ठहराए जाने तक “आरोपित” ही माना जाता है।
कानूनी पहलू और संभावना
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अवैध शिकार और संरक्षित प्रजाति के साथ छेड़छाड़ पर सख्त सज़ा का प्रावधान है — जिसमें जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोपी ने संरक्षित प्रजातियों का शिकार किया या अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया, तो मामले में और भारी धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं।
वन विभाग की चेतावनी और भविष्य की कार्रवाई
वन विभाग ने आम जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन चौकी या पुलिस स्टेशन पर दें। विभाग ने कहा कि विदेशी प्रशिक्षण लेकर लौटने वाले कुछ तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है और आवश्यक होने पर राज्य स्तरीय और केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय कर आगे की जांच की जाएगी।
