International Cheetah Day 2025: कूनो नेशनल पार्क में सीएम डॉ. मोहन यादव तीन चीतों को खुले जंगल में करेंगे आजाद
श्योपुर।
अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस 2025 पर मध्यप्रदेश वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क के लिए बुधवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कूनो नेशनल पार्क में तीन चीतों— एक वयस्क मादा चीता और उसके दो शावकों — को खुले जंगल में आजाद करेंगे। इस मौके को भारत के ‘चीता पुनर्वास अभियान’ के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।मादा चीता वीरा और उसके दो शावक होंगे आज़ादकूनो पार्क प्रबंधन के अनुसार, जिन तीन चीतों को जंगल में छोड़ा जाएगा, उनमें दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता वीरा और उसके लगभग दस महीने के दो शावक शामिल हैं। तीनों को पिछले कई महीनों से प्री-रिलीज़ एनक्लोजर में रखा गया था, जहाँ उनकी स्वास्थ्य स्थिति, शिकार क्षमता और जंगल के अनुकूलनशील व्यवहार की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी।कूनो का होगा बड़ा वन्यजीव आकर्षणइन चीतों के जंगल में छोड़े जाने के बाद कूनो नेशनल पार्क में ‘वाइल्ड पॉपुलेशन’ और मजबूत होगी। इससे पार्क की जैव विविधता के साथ-साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण भी बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से स्थापित करने के लक्ष्य को गति देगा।सीएम यादव उपस्थित रहेंगे विशेष कार्यक्रम मेंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दोपहर विशेष हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क पहुँचेंगे। वन विभाग द्वारा तैयार किए गए कार्यक्रम में चीता रिलीज प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। पार्क प्रबंधन ने सुरक्षात्मक व्यवस्था कड़ी कर दी है और पर्यटन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आवाजाही सीमित की गई है।चीता प्रोजेक्ट को मिली नई सफलताएँपिछले दो वर्षों में कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास लगातार चर्चा में रहा है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने यहाँ अनुकूलन की क्षमता दिखाई, वहीं भारत में जन्मे कई शावकों ने परियोजना की सफलता को नई दिशा दी। वीरा ने भी पार्क में रहते हुए सुरक्षित रूप से शावकों को जन्म दिया, जो इस पहल का बड़ा संकेत माना गया।मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था मजबूतवन विभाग ने सभी चीतों के लिए रेडियो कॉलर सिस्टम, ट्रैकिंग यूनिट और हाई-अलर्ट मॉनिटरिंग व्यवस्था की है। जंगल में छोड़े जाने के बाद शुरू के 90 दिनों तक इनकी मूवमेंट और शिकार गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।स्थानीय समुदाय में उत्साहकूनो के आसपास बसे गांवों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह है। वन विभाग स्थानीय समुदायों को जागरूक कर रहा है ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न बने और सुरक्षित सह-अस्तित्व बना रहे।
