Kumbh Parking Plan: सिंहस्थ 2028 में भीड़ प्रबंधन आसान बनाने को 100 करोड़ से बनेगी मेगा पार्किंग
उज्जैन।
सिंहस्थ 2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारू रूप से संभालने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में शहर के प्रवेश मार्गों पर 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेगा पार्किंग ज़ोन’ विकसित किए जाएंगे, ताकि आने वाले वाहनों का दबाव शहर में न बढ़े और भीड़ प्रबंधन सुचारू रहे।सिंहस्थ हर बार बड़ी चुनौती बनकर आता है—चाहे वह ट्रैफिक नियंत्रण हो, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा या श्रद्धालुओं की सुविधा। प्रशासन ने इस बार पहले से अधिक स्मार्ट और तकनीकी समाधान लागू करने पर फोकस किया है।—
मेगा पार्किंग ज़ोन: 5 प्रमुख लोकेशनों पर होंगे निर्माणउज्जैन में आने वाले भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम और URDC (Ujjain Road Development Corporation) ने मिलकर 5 स्थानों का चयन किया है। इनमें से हर पार्किंग ज़ोन में—10,000 से अधिक वाहनों की क्षमताइलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंटCCTV नियंत्रण प्रणालीGPS आधारित पार्किंग प्रबंधनई-टिकट और लाइव व्हीकल ट्रैकिंगजैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।—
सिंहस्थ 2028 के लिए ‘स्मार्ट पार्किंग मॉडल’ तैयारप्रशासन के अनुसार, इस बार पार्किंग व्यवस्था को ‘स्मार्ट’ बनाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। इसके तहत:✔ ऐप-आधारित पार्किंग बुकिंगश्रद्धालु अपनी गाड़ी कहाँ पार्क करनी है, यह पहले से ही मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक कर सकेंगे।✔ पार्किंग के रियल-टाइम अपडेटकिस पार्किंग में कितनी जगह खाली है—यह जानकारी LED स्क्रीन, ऐप और कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी।✔ शटल बसों की सुविधापार्किंग से घाटों और मुख्य रूट्स तक इलेक्ट्रिक शटल बसें लगातार चलेंगी।—
श्रद्धालुओं की सुरक्षा होगी प्राथमिकताउज्जैन पुलिस और प्रशासन ने बताया कि पार्किंग क्षेत्रों को भीड़ से अलग सुरक्षित ज़ोन के रूप में तैयार किया जा रहा है।सभी पार्किंग में फायर हाइड्रेंट सिस्टम24×7 पुलिस पोस्ट और सुरक्षा कर्मीएंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनातमहिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग सहायता डेस्कये सुविधाएं भीड़ के तनाव को कम करेंगी और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेंगी।—🔶 क्यों ज़रूरी है 100 करोड़ की मेगा पार्किंग?सिंहस्थ 2016 के दौरान:शहर में 1.5 करोड़ से अधिक लोगों की एक दिन में एंट्री3–4 घंटे का ट्रैफिक जामपार्किंग के अव्यवस्थित सिस्टम से शिकायतेंजैसी समस्याएं सामने आई थीं। नया मेगा पार्किंग प्रोजेक्ट इस अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है।—
प्रशासन का दावा: “2028 का सिंहस्थ होगा सबसे व्यवस्थित”उज्जैन कमिश्नर ने कहा—> “मेगा पार्किंग प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद किसी भी वाहन को शहर के भीतर अनियंत्रित रूप से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इससे ट्रैफिक-सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन दोनों आसान होंगे।”—
व्यापारियों और स्थानीय लोगों को भी लाभवाहनों की आवाजाही कम होगी, जिससे भीड़भाड़ घटेगीस्थानीय बाज़ारों में पैदल और शटल गाड़ियों की व्यवस्थापार्किंग शुल्क से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्वइससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
