MP मंत्री के रिश्तेदार की गिरफ्तारी: UP पुलिस के बड़े एक्शन में 5 तस्कर पकड़े, 10.4 किलो गांजा और अवैध हथियार जब्त
भोपाल/लखनऊ।
मध्य प्रदेश की राजनीति उस समय हिल गई जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ की गई एक सटीक कार्रवाई में MP के एक राज्यमंत्री के बहनोई सहित 5 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 10.4 किलो गांजा, एक देशी पिस्टल, कारतूस और तस्करी से जुड़े कई अहम डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा नेटवर्क का बड़ा लिंक सामने आने की संभावना जताई जा रही है।—ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया मंत्री का रिश्तेदारUP पुलिस ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन टीम (SOT) को लंबे समय से एक गिरोह की गतिविधियों पर इनपुट मिल रहे थे। इसी आधार पर बुधवार देर रात छापेमारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री का ससुराल पक्ष से रिश्तेदार (बहनोई) है।इस राजनीतिक कनेक्शन के बाद मामला और गंभीर हो गया है। यूपी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर हुई है और किसी भी राजनीतिक दबाव का इससे कोई संबंध नहीं है।—10.4 किलो गांजा और हथियार मिलेपुलिस ने जिन सामानों को जब्त किया, उनकी सूची में हैं—10.4 किलो गांजा (उच्च गुणवत्ता का कहा जा रहा है)एक देसी कट्टा3 जिंदा कारतूसदो मोबाइल फोनएक लग्जरी कार, जिसका इस्तेमाल तस्करी में होने का शकपुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किया गया नशा हाई क्वालिटी का है और इसे अंतरराज्यीय नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था।—MP से UP तक फैला तस्करी का नेटवर्कप्रारंभिक जांच के अनुसार यह गैंग MP–UP की सीमा पर सक्रिय था। तस्करमध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से नशा उठाते,फिर उसे UP के विभिन्न जिलों में भेजते,और कई जगह छोटे डीलरों तक वितरण करते।पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क पिछले 6–8 महीनों से सक्रिय था, लेकिन मंत्री के रिश्तेदार की संलिप्तता ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो लोग लंबे समय से नशा तस्करी के मामलों में रिकॉर्डेड अपराधी बताए जा रहे हैं।—राजनीतिक हलचल तेज — विपक्ष ने घेराMP में यह खबर फैलते ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा—“जब मंत्री के अपने रिश्तेदार ही ऐसा अपराध करेंगे, तो प्रदेश में कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा?”वहीं सत्ताधारी दल ने जवाब दिया कि“एक व्यक्ति की आपराधिक गतिविधि का सरकार से कोई संबंध नहीं। कानून अपना काम कर रहा है।”सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार संबंधित मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि उनका रिश्तेदार उनसे अलग रहता है और उसकी निजी गतिविधियों की जानकारी उन्हें नहीं है।—डिजिटल डिवाइस की जांच— बड़ा नेटवर्क उजागर होने की उम्मीदजांच एजेंसी मोबाइल फोन और व्हाट्सऐप चैट खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि—कई और राज्यों से कनेक्शन निकल सकते हैं,गिरोह में फंडिंग और सप्लाई चेन के बड़े नाम सामने आ सकते हैं,तस्करी में शामिल ड्राइवरों, सप्लायरों और खरीदारों की सूची मिल सकती है।UP पुलिस ने कहा कि “इस मामले में कई राज अभी खुलने बाकी हैं। पकड़े गए आरोपी पूछताछ में लगातार नए नाम उगल रहे हैं।”—किस धाराओं में केस दर्ज?सभी आरोपियों पर निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ—NDPS Act की गंभीर धाराएँArms ActIPC की आपराधिक साजिश की धाराNDPS के तहत सजा 10 साल से लेकर 20 साल तक हो सकती है, और संपत्ति कुर्क होने तक के प्रावधान हैं।—आगे की कार्रवाई— MP पुलिस भी होगी शामिलक्योंकि मामला मध्य प्रदेश से जुड़ा है, इसलिए UP पुलिस जल्द हीMP पुलिस,नारकोटिक्स ब्यूरो,और इंटेलिजेंस विभागके साथ संयुक्त जांच शुरू करने जा रही है।सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में MP में भी कई जगह छापेमारी हो सकती है।
