Pakistan Army Chief Asim Munir को मिली अभूतपूर्व ताकत: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी ज्यादा अधिकार
इस्लामाबाद |
Pakistan Army Chief Asim Munir: पाकिस्तान की संसद ने एक ऐसा बिल पारित किया है, जिसने आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को देश की राजनीति और रक्षा नीति में अभूतपूर्व शक्तियां दे दी हैं। अब उन्हें परमाणु हथियारों, तीनों सेनाओं (आर्मी, नेवी और एयरफोर्स) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े निर्णयों पर सीधा नियंत्रण मिल गया है।
नया कानून पारित होने के बाद अब प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भी कई रणनीतिक फैसलों में आर्मी चीफ की मंजूरी के बिना हस्तक्षेप नहीं कर पाएंगे।
संसद में पारित हुआ “National Security Command Bill”
पाकिस्तानी संसद में पारित “नेशनल सिक्योरिटी कमांड बिल 2025” के तहत
- आर्मी चीफ को नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का स्थायी अध्यक्ष बनाया गया है।
- उन्हें परमाणु हथियार लॉन्च अथॉरिटी में भी प्रमुख भूमिका दी गई है।
- तीनों सेनाओं के समन्वय से जुड़े निर्णयों का अंतिम अधिकार अब उनके पास होगा।
विपक्षी दलों ने किया विरोध
विपक्षी नेताओं ने इस बिल को “लोकतंत्र के लिए खतरा” बताया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने कहा कि,
“यह कानून पाकिस्तान को सैन्य नियंत्रण वाले राज्य में बदल देगा। संसद की भूमिका कमजोर कर दी गई है।”
क्या है इसका असर
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से पाकिस्तान में सिविलियन गवर्नमेंट की ताकत और घटेगी। अब विदेश नीति, रक्षा रणनीति और सुरक्षा बजट जैसे फैसले भी सेना के प्रभाव में रहेंगे।
रक्षा विश्लेषक हसन अली के अनुसार:
“पाकिस्तान की सत्ता का केंद्र हमेशा सेना रही है, लेकिन अब यह कानूनी रूप से भी स्थापित कर दिया गया है।”
परमाणु नीति पर भी असर
नया कानून यह भी तय करता है कि आसिम मुनीर की मंजूरी के बिना कोई भी परमाणु परीक्षण या रणनीतिक कदम नहीं उठाया जा सकेगा। इससे पाकिस्तान का पूरा न्यूक्लियर कमांड स्ट्रक्चर अब सीधे आर्मी के नियंत्रण में आ गया है।
