Parenting Issue — 5 साल की बेटी बहुत झूठ बोलती है डांटने-समझाने का असर नहीं; क्या यह सिर्फ डेवलपमेंट फेज है, कैसे रोकें?
सवाल (पुणे से पाठक का प्रश्न)
मेरी 5 साल की बेटी है। वह पढ़ने-लिखने में अच्छी है और हमेशा हंसती-खेलती रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मैंने नोटिस किया है कि वह छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने लगी है। जैसे—
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खिलौना तोड़ने पर कहना कि वह खुद गिर गया,
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चॉकलेट खाने पर इनकार कर देना,
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गलती होने पर blame किसी और चीज़ पर डालना।
मैंने उसे प्यार से समझाया, कहानियां सुनाईं, कई बार डांटा भी, लेकिन वह दोबारा वही करती है। क्या ये सिर्फ उम्र का फेज है या कोई समस्या? मैं अपनी पेरेंटिंग में क्या बदलाव करूं ताकि वह सच बोलने की अहमियत समझे और ईमानदारी सीख सके?
एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर
जवाब— “5 साल की उम्र में झूठ बोलना सामान्य विकास चरण (Development Phase) है”
डॉ. श्रृंगी बताती हैं कि आपकी चिंता बिल्कुल जायज़ है, लेकिन 5–6 साल की उम्र में बच्चों का झूठ बोलना काफी हद तक एक सामान्य डेवलपमेंटल फेज माना जाता है।
1. इस उम्र में सही और झूठ का कॉन्सेप्ट पक्का नहीं होता
बच्चों को यह समझ नहीं होता कि कौन-सी बात सच मानी जाएगी और कौन झूठ।
वो जो सोचते हैं, महसूस करते हैं या इमैजिन करते हैं—उसी को बोल देते हैं।
2. झूठ बोलना वो आसपास के माहौल से सीखते हैं
वे पेरेंट्स, रिश्तेदारों, दोस्तों, स्कूल के माहौल और रोजमर्रा की बातचीत से सीखते हैं कि कब सच छिपाया जाता है।
3. डांट या punishment का डर सबसे बड़ा कारण
कई बच्चे गलती मानने से इसलिए डरते हैं कि उन्हें मार पड़ेगी या डांट मिलेगी। इसलिए वे खुद-ब-खुद गलती छिपाने लगते हैं।
4. Attention seeking भी एक कारण
कभी-कभी बच्चा सिर्फ ध्यान पाने के लिए कहानी गढ़ता है—यह भी झूठ जैसा दिखता है, लेकिन वास्तव में यह उसकी emotional need का संकेत होता है।
आप अपनी पेरेंटिंग में ये बदलाव करें
डॉ. अमिता के अनुसार, झूठ को रोकने का सबसे असरदार तरीका है बच्चे के साथ ट्रस्ट बनाना, न कि डांटना।
1. गलती पर भावनात्मक सुरक्षा (Emotional Safety) दें
उसे बताएँ—
“गलती हो जाए तो कोई बात नहीं, हम साथ में ठीक कर लेंगे।”
इससे बच्चा सच बोलने में safe महसूस करता है।
2. झूठ पकड़कर तुरंत डांट न लगाएँ
उसे explain करें कि सच बोलने से मम्मी-पापा खुश होते हैं और समस्या जल्दी हल होती है।
3. ‘सच बोलने पर इनाम’ वाली भाषा इस्तेमाल करें
उदाहरण—
“सच बोलने के लिए धन्यवाद, इससे मम्मी को खुशी हुई।”
यह पॉजिटिव reinforcement झूठ कम करता है।
4. घर का माहौल झूठ-मुक्त रखें
बच्चे पेरेंट्स की कॉपी करते हैं।
अगर घर में अक्सर excuses, छोटी सफेद झूठ (white lies) बोली जाती हैं, तो बच्चा इसे नॉर्मल मानता है।
5. Moral Stories और Role-Play कराएँ
ऐसी कहानियाँ सुनाएँ जिनमें सच बोलने से अच्छा रिज़ल्ट मिलता हो।
Role-play में बच्चा खुद ऐसा किरदार बनाए जो सच बोलता है—इससे सीख तेज़ होती है।
6. बच्चे को अपने फैसले की ज़िम्मेदारी देना शुरू करें
उसे छोटे-छोटे choices दें—
“अगर खिलौना टूट गया तो हम मिलकर ठीक करेंगे, लेकिन तुम्हें बताना ज़रूरी है।”
यह ownership सिखाता है।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
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अगर बच्चा झूठ को habit की तरह अपनाने लगे,
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Aggressive हो जाए,
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हर बात पर बहाना बनाए,
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या डर और चिंता बहुत दिखे—
तो child psychologist से एक बार मिलना फ़ायदेमंद है।
लेकिन आमतौर पर 5 साल की उम्र में यह सीख और समझ विकसित करने का हिस्सा है। धैर्य और सही approach से यह आदत अपने-आप काफी कम हो जाती है।
