Rail Accident Alert: ट्रैक पार करते 6 लोग मालगाड़ी की चपेट में आए, महिला की मौत और तीन बच्चों समेत 5 घायल
जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। मदनमहल रेलवे स्टेशन पर अचानक ट्रैक पार कर रहे 6 लोग तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि प्लेटफॉर्म और ट्रैक पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।रेलवे पुलिस और RPF ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए।—कैसे हुआ हादसा — 30 सेकेंड की लापरवाही बनी जानलेवाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 1:15 बजे के आसपास एक परिवार स्टेशन के दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर जाने के लिए ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान मदनमहल–जबलपुर सेक्शन से तेज रफ्तार में एक मालगाड़ी आ रही थी, जिसकी आवाज ट्रैफिक की भीड़ और प्लेटफॉर्म पर शोर की वजह से स्पष्ट नहीं सुनाई दे रही थी।गाड़ी के चालक ने हॉर्न भी दिया, लेकिन परिवार के लोग ट्रैक के बीच तक पहुँच चुके थे।कुछ ही सेकेंड में गाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी तेज थी कि महिला कुछ मीटर दूर जाकर गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तीन बच्चे और दो पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए।—घायल कौन-कौन?— रेलवे ने जारी की प्रारंभिक सूचीRPF के अनुसार हादसे में घायल लोगों की उम्र 5 से 40 वर्ष के बीच है। तीन बच्चे हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि दो वयस्कों के पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं।मृत महिला की पहचान 45 वर्षीय सरस्वती बाई के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ स्टेशन के प्लेटफॉर्म बदल रही थीं।—लोगों में गुस्सा— सबवे और FOB होने के बाद भी ट्रैक पार क्यों?हादसे के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने रेलवे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मदनमहल स्टेशन परफुट-ओवर ब्रिज (FOB)और सबवे दोनों ही उपलब्ध हैं,फिर भी कई लोग जल्दी में सीधे ट्रैक पार करते हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि“RPF गश्त कम होने और सख्ती नहीं होने के कारण लोग बेखौफ होकर पटरियों पर चलने लगे हैं। अगर सख्ती होती तो यह हादसा रोका जा सकता था।”—रेलवे अधिकारी क्या कह रहे हैं?पश्चिम मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया—“यह हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम है। ट्रैक पार करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद लोग जोखिम उठाते हैं। फिर भी रेलवे जांच कर रही है कि क्या किसी ओर से कोई कमी रह गई थी।”अधिकारी ने कहा कि स्टेशन पर घोषणाएँ लगातार होती हैं कि ट्रैक पार ना करें, लेकिन फिर भी कई यात्री ऐसा करते हैं।—ट्रेन चालक ने की थी ब्रेक लगाने की कोशिशमालगाड़ी के लोको पायलट ने बयान में कहा कि उसनेगाड़ी की हॉर्निंग की,खतरा देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए,लेकिन गाड़ी का वजन अधिक होने के कारण तुरंत रुकना संभव नहीं था।रेलवे में मालगाड़ियों की औसत रुकने की दूरी 600–800 मीटर तक रहती है, इसलिए चालक के लिए अंतिम क्षणों में कुछ भी करना संभव नहीं था।—हादसे के बाद 15 मिनट तक रुकी रेल सेवादुर्घटना के बाद करीब 15 मिनट तक मदनमहल–जबलपुर रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई।शव को ट्रैक से हटाने और घायलों को अस्पताल भेजने के बाद लाइन दोबारा शुरू की गई।—RPF ने दर्ज किया मामला — CCTV से जांच शुरूRPF और GRP (Government Railway Police) ने घटना की FIR दर्ज कर ली है।स्टेशन के सभी कैमरों की फुटेज निकाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि—परिवार किस दिशा से आया,क्या किसी कर्मचारी ने रोकने की कोशिश की,हादसे के ठीक पहले उनकी स्थिति क्या थी।रेलवे ने परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
