रायपुर (छत्तीसगढ़)।
Sudkhor: पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना सूदखोर हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर आखिरकार 162 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रायपुर पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर रायपुर लेकर आई है। हालांकि, उसका छोटा भाई और साथी अपराधों में शामिल मुख्य आरोपी अभी फरार है।
वीरेंद्र तोमर पर रायपुर समेत कई जिलों में अवैध वसूली, धमकी, सूदखोरी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से नकली पहचान पत्र के सहारे यूपी और मध्य प्रदेश के बीच लगातार ठिकाने बदल रहा था।
रायपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम गठित की गई थी, जिसने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से लोकेशन ट्रेस की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर जेल भेज दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छोटा भाई अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है। दोनों भाइयों पर लोगों से ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देकर जमीन और संपत्ति हड़पने के कई आरोप हैं।
रायपुर एसएसपी ने कहा कि पुलिस सूदखोरी और जमीन कब्जा गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
