Two Arrested: खंडवा जिला अस्पताल में युवती से छेड़छाड़ और धर्म परिवर्तन का दबाव
खंडवा |
Two Arrested: खंडवा जिला अस्पताल में एक गंभीर घटना ने चिंता बढ़ा दी है, जहां एक युवती ने आरोप लगाया है कि दो युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच शुरू कर दी है। Nai Dunia+2IBC24 News+2
घटना का ब्यौरा
गुरुवार दोपहर को खंडवा जिला अस्पताल के परिसर में युवती ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे अस्पताल में हंगामा मच गया। अस्पताल में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि दो युवक युवती के पास पहुंचकर छेड़छाड़ कर रहे थे। घटना की तीव्रता को देखते हुए आसपास की भीड़ ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपितों को पकड़ लिया। Nai Dunia
पुलिस के पूछताछ के दौरान आरोपितों ने लगातार नाम-पता बदलने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उन्हें पहचानते ही घेर लिया और मारपीट की। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी और युवती अलग- अलग धर्मों के हैं, और इसी वजह से मामला और जटिल हो गया। Nai Dunia
धर्म परिवर्तन का दबाव और ब्लैकमेल
युवती के बयान के अनुसार, आरोपितों में से एक युवक ने उसकी “धर्म बदलने” की मांग की। इस बात ने पूरे मामले का स्वरूप गंभीर बना दिया क्योंकि धर्म परिवर्तन का दबाव देना कानूनी रूप से अपराध हो सकता है। IBC24 News+1
दूसरी ओर, आरोपितों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने युवती की अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। IBC24 News युवती के परिजनों ने कहा है कि युवक ने वीडियो का उपयोग उसकी निजता को खतरे में डालने और उसे शांति से रहने से रोकने के लिए किया था। इसे ‘लव जिहाद’ जैसा गंभीर आरोप बताया जा रहा है, जिसे सांप्रदायिक संवेदनशीलता भी जोड़ रही है। TV9 Bharatvarsh+1
पुलिस कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
मोहघाट पुलिस स्टेशन की टीम घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची और आरोपी युवकों को हिरासत में ले लिया। साथ ही, दोनों पक्षों के बयान लिए गए और उनकी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई। शूट-आउट और नाम-पता बदलने की शिकायतों के चलते पुलिस उनकी सत्यता की जांच कर रही है। Nai Dunia
घटना के बाद बजरंग दल समेत अन्य स्थानीय संगठनों ने भी अस्पताल पहुँचकर कार्रवाई की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि ऐसा मामला धार्मिक और नैतिक दृष्टि से बहुत गंभीर है, और केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं होगी; उन्हें समाज-स्तर पर जागरूकता की जरूरत है। Nai Dunia+1
न्याय-मांग और समालोचना
- युवती और उसके परिजन मांग कर रहे हैं कि आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, और यदि ब्लैकमेल व धर्म परिवर्तन का दबाव साबित होता है, तो उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाना चाहिए।
- स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में भीड़-न्याय की बजाय कानूनी प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन साथ ही पुलिस और प्रशासन को अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
- पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच तेज़ी से जारी है और सबूतों (साक्ष्यों) की पुख्ता समीक्षा के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई सामने आएगी।
