February 5, 2026
Ujjain Update: महाकाल मंदिर में अब पुजारी-सेवकों के लिए तय होगा ड्रेसकोड
उज्जैन एमपी

Ujjain Update: महाकाल मंदिर में अब पुजारी-सेवकों के लिए तय होगा ड्रेसकोड

Dec 10, 2025

उज्जैन। मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन केंद्र उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में जल्द ही पुजारियों, भस्मारती सेवकों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए 統一 Dresscode लागू किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन समिति ने बैठक में यह निर्णय लिया है कि मंदिर परिसर में अनुशासन, पहचान और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक मानक वेशभूषा अनिवार्य की जाएगी।मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और लगातार बढ़ते कार्यक्रमों को देखते हुए यह कदम बेहद आवश्यक माना जा रहा है।प्रबंधन का कहना है कि अलग-अलग वेशभूषा होने के कारण कई बार कर्मचारी, पुजारी और आम व्यक्ति में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था प्रभावित होती है।—🔵 ड्रेसकोड में क्या-क्या शामिल हो सकता है?मंदिर प्रबंधन समिति ने संकेत दिया है कि:पुजारियों के लिए विशेष भगवा या सफेद पारंपरिक वस्त्रगर्भगृह और पूजा कर्म से जुड़े कर्मियों के लिए निश्चित दुपट्टा/पटकाकर्मचारी और सुरक्षा टीम के लिए यूनिफॉर्म टी-शर्ट या कुर्ता-जैकेटपहचान के लिए विशेष आईडी कार्ड और बैजअनिवार्य किए जा सकते हैं।अंतिम ड्राफ्ट अगले सप्ताह समिति की बैठक में पास किया जाएगा।—🔵 क्यों जरूरी हुआ ड्रेसकोड?मंदिर अधिकारी का कहना है—> “श्री महाकाल मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु आते हैं। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सेवा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए यूनिफॉर्म सिस्टम ज़रूरी हो चुका है।”इससे किसी भी कर्मचारी या पुजारी की तुरंत पहचान हो सकेगीनकली कर्मचारी बनकर घूमने वालों पर रोक लगेगीसुरक्षा एजेंसियों के लिए भी भीड़ में पहचान आसान होगीअनुशासन और सेवा गुणवत्ता बेहतर होगी—🔵 श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभवप्रबंधन का दावा है कि ड्रेसकोड लागू होने के बाद:सेवा प्रक्रिया तेज होगीVIP और आम दर्शन प्रक्रिया और स्पष्ट होगीभ्रम की स्थिति खत्म होगी—🔵 कर्मचारियों और पुजारियों की सहमति भी ली जाएगीप्रबंधन कमेटी ने बताया कि अंतिम निर्णय से पहले:पुजारियोंसेवकोंसफाई कर्मियोंप्रशासनिक कर्मचारियोंसे सुझाव लिए जाएंगे ताकि ड्रेसकोड व्यावहारिक और आरामदायक हो।

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