New Delhi | Cold Wave : उत्तर भारत में इस समय ठंड ने अपना सबसे तेज़ असर दिखाना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के इंदौर में गुरुवार सुबह तापमान 4.5°C दर्ज किया गया, जो पिछले 10 साल का सबसे कम पारा है। सुबह से ही बर्फीली हवा और Dense Fog ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। लोग देर तक घरों में ही रहे और बाहर निकलने वालों ने Jackets, Mufflers और Gloves का पूरा इस्तेमाल किया। कई इलाकों में Visibility इतनी कम रही कि वाहन रेंग-रेंग कर चले।
इंदौर में Cold Wave के कारण सुबह की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई। आम दिनों में सुबह 6 बजे तक बाजारों और सड़कों पर हलचल होने लगती थी, लेकिन गुरुवार सुबह 7.30 बजे तक भी सड़कों पर सन्नाटा था। दूध, सब्जियों और आवश्यक सामान की Supply भी कुछ देर तक प्रभावित रही। कई Auto और Cab चालकों ने भी ठंड की वजह से देर से काम शुरू किया। School Managements ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Morning Shifts के समय में बदलाव किया है।
राजस्थान में भी सर्दी ने इस बार सामान्य से ज्यादा तेज़ दस्तक दी है। राज्य के 9 शहरों—जयपुर, सीकर, चुरू, बीकानेर, गंगानगर, अलवर, कोटा, बूंदी और झुंझुनूं—में तापमान 10°C से नीचे दर्ज हुआ। Night Temperature इतनी तेज़ी से गिरा कि कई शहरों में Ground Frost की स्थिति बन गई। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे रोडवेज बसें लेट रहीं और कई ट्रेनों की टाइमिंग भी बिगड़ गई। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने फसलों पर पाले की चिंता जताई।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इतना Low Temperature रबी फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकता है, खासकर सरसों, सब्ज़ियों और आलू पर इसका अधिक असर पड़ता है। कई जिलों में Agriculture Department ने Farmers को Farm Irrigation और Crop Covering जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है।
उधर, उत्तराखंड में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। पहाड़ों में तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और टिहरी जैसे जिलों में नदी-नाले जमने लगे हैं। कई हिस्सों में झरनों का पानी बर्फ बनकर लटक गया है, जिससे Drinking Water Supply प्रभावित हुई है। कई गांवों में Water Tankers भेजे जा रहे हैं क्योंकि Natural Water Sources जम चुके हैं।
पहाड़ी पर्यटन क्षेत्रों पर भी इसका बड़ा असर पड़ रहा है। मसूरी, औली, नैनीताल और बर्फीले ट्रेक रूट्स पर Tourist Footfall कम हुआ है। Hotel Owners का कहना है कि अत्यधिक ठंड से कई पर्यटक अपनी Trips Postpone कर रहे हैं। वहीं, Local Administration ने Visitors को Weather Advisory जारी की है, जिसमें Warm Clothes पहनने, सुबह और देर शाम यात्रा से बचने तथा Slippery Roads पर सावधानी बरतने को कहा गया है।
Cold Conditions के चलते Transport Sector पर भी असर दिख रहा है। इंदौर, जयपुर, दिल्ली, देहरादून और कई शहरों में Flights में देरी दर्ज की गई है। Airports पर Fog Visibility Range में उतार-चढ़ाव की वजह से Flights Ground पर ही रोकी गईं। Road Transport पर सबसे अधिक असर पड़ा है। Highways पर Fog Lights के बिना चलना मुश्किल हो गया और Police ने कई स्थानों पर Barricading कर रफ्तार नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए।
Weather Department का कहना है कि उत्तर–पश्चिमी हवाओं की वजह से यह ठंड बनी हुई है। हिमालय में Snowfall और साफ आसमान के कारण रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। अगले 3 दिनों तक उत्तर भारत में शीतलहर जारी रहने का अनुमान जताया गया है। Department ने ये भी कहा कि कई मैदानी हिस्सों में तापमान सामान्य से 4–6°C कम रह सकता है।
Cold Wave की वजह से Health Problems भी बढ़ने लगी हैं। अस्पतालों में खांसी-जुकाम, अस्थमा, हार्ट और Blood Pressure से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ी है। Doctors ने Elderly People, Children और Pregnant Women को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। Health Department ने Early Morning Walk और Late Night Travel से बचने की Advisory जारी की है।
कई शहरों में नगर निगम और जिला प्रशासन ने रात में Public Places पर अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है। Homeless और जरूरतमंद लोगों के लिए शेल्टर होम में Blankets और Hot Water की सुविधा बढ़ाई जा रही है। पुलिस भी रात में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है ताकि कोई व्यक्ति ठंड से प्रभावित न हो।
कुल मिलाकर उत्तर भारत इस समय सीजन की सबसे तीखी ठंड झेल रहा है। तापमान में अचानक आई गिरावट ने Transport, Agriculture, Tourism, Health और आम जनजीवन सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार यह ठंड का दौर कम से कम अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा, इसलिए लोगों को सतर्क रहकर Winter Safety Measures अपनाने की जरूरत है।
