February 5, 2026
Goa Fire Case: 25 मौतों के आरोपी Luthra Brothers थाईलैंड में गिरफ्तार, पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
भारत

Goa Fire Case: 25 मौतों के आरोपी Luthra Brothers थाईलैंड में गिरफ्तार, पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

Dec 11, 2025

Goa (गोवा )। गोवा के अरपोरा स्थित “Birch by Romeo Lane” नाइटक्लब में लगी आग, जिसने 25 जिंदगियाँ लील लीं, अब अपने सबसे बड़े मोड़ पर पहुँच चुकी है। हादसे के मुख्य आरोपी और क्लब के मालिक बताए जा रहे सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों भाई घटना के तुरंत बाद भारत से निकल गए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही निगरानी और लगातार बढ़ते दबाव के चलते अब उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। भारत में अब अगला कदम उन्हें वापस लाकर मुकदमे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

गोवा पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसे की रात क्लब में मौजूद भीड़ के बीच अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग निकल भी नहीं पाए। इमारत में मौजूद सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कमजोर थे—न तो पर्याप्त आपात निकास थे, न ही दमकल सुरक्षा के मूल उपकरण। कई कर्मचारी और ग्राहक धुएं में फंस गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। यह सामने आते ही पूरे देश में आक्रोश फैल गया और सवाल उठे कि आखिर ऐसे क्लबों को बिना सख्त सुरक्षा मानकों के संचालन की अनुमति कैसे दी जाती है।

जांच में यह भी पाया गया कि क्लब के मालिकों ने कई महत्वपूर्ण नियमों का पालन नहीं किया था। इमारत का कुछ हिस्सा अवैध रूप से संशोधित किया गया था। आग से बचाव से जुड़ी व्यवस्थाएँ या तो अधूरी थीं या कागज़ों पर ही दिख रही थीं। हादसे से कुछ ही देर बाद लूथरा बंधु अचानक गायब हो गए, जिससे यह संदेह और गहरा हो गया कि उन्होंने भागने की योजना पहले से बना रखी थी। टिकटों की बुकिंग हादसे के तुरंत बाद की गई थी और रात में ही वे भारत से निकल गए थे।

जैसे ही यह बात सामने आई, पुलिस ने तुरंत Look-Out Circular जारी किया और जांच को तेज कर दिया। क्लब से जुड़े कुछ अन्य कर्मचारियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है। प्रशासन ने वागाटोर और अन्य क्षेत्रों में लूथरा भाइयों की संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी और जहां-जहां अनियमितताएँ मिलीं, वहां कार्रवाई की गई। नाइट लाइफ़ से जुड़े कई प्रतिष्ठानों पर भी निरीक्षण बढ़ा दिया गया है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

उधर, आरोपी भाइयों के विदेश भागने की जानकारी मिलते ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क बढ़ाया। निगरानी में आए बदलाव और पासपोर्ट रद्द किए जाने के चलते वे किसी और देश में आगे जा नहीं सके। इसके बाद थाईलैंड में मौजूद अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। भारत अब तेजी से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है ताकि उन्हें जल्द से जल्द यहां लाया जा सके। इस गिरफ्तारी ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद को फिर से मजबूत किया है।

घटना के बाद से पूरे राज्य में दहशत और गुस्से का माहौल है। लोग बता रहे हैं कि हादसे के बाद भी कई लोग मानसिक रूप से सदमे में हैं। कई परिवारों ने खुलकर कहा है कि अगर क्लब में पर्याप्त सुरक्षा होती, तो उनके प्रियजनों को बचाया जा सकता था। वहीं प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं—क्या स्थानीय अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण नहीं करना चाहिए था? क्या भ्रष्टाचार या लापरवाही की वजह से ऐसे खतरनाक निर्माणों को खुली छूट मिली हुई थी?

इस घटना ने राज्य और देश दोनों को झकझोर दिया है। पर्यटन केंद्र होने के कारण गोवा में ऐसी जगहों की संख्या बहुत ज्यादा है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग पार्टी करने और मनोरंजन के लिए पहुँचते हैं। इसीलिए सरकार अब राज्यव्यापी स्तर पर सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा कर रही है। नाइटक्लब, बार और ऐसे सभी स्थानों पर कड़े निरीक्षण की तैयारी चल रही है ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

लूथरा भाइयों की गिरफ्तारी इस पूरे मामले में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। घटना ने यह भी उजागर किया है कि क्लबों और मनोरंजन स्थलों में बढ़ती भीड़, व्यावसायिक लालच और सुरक्षा के प्रति लापरवाही का मिश्रण कितना घातक हो सकता है। जांच एजेंसियों से लेकर अदालतों तक—अब सबकी नजर इस मामले पर है। आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि आरोपियों को कब भारत लाया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

फिलहाल पीड़ितों के परिवार केवल एक ही बात चाहते हैं—न्याय। और यह मामला अब उस दिशा में बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जहाँ जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

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